Gwalior Sheetla Mata Mandir Accident: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल 78 वर्षीय मोतीराम प्रजापति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह पिछले 52 घंटे से अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक छा गया।
शीतला माता मंदिर के पास शनिवार रात हुए हादसे में पहले ही 15 लोगों की मौत हो चुकी थी। मोतीराम प्रजापति की मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 16 हो गया। उनका इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। गंभीर चोटों के चलते उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी।इस हादसे में कई अन्य श्रद्धालु भी घायल हुए थे। घटना के बाद से ही घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। मोतीराम की मौत से हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों का दुख और गहरा हो गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घायलों से की मुलाकात
हादसे में घायल लोगों का हाल जानने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उनके साथ मौजूद थे। दोनों नेताओं ने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।मुख्यमंत्री के दौरे से पहले अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। ट्रॉमा सेंटर के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी। इससे पहले 18 अक्टूबर की शाम को भी ज्योतिरादित्य सिंधिया घायलों का हाल जानने पहुंचे थे। उस दौरान उनके स्वागत के लिए बिछाए गए रेड कार्पेट को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई थी।
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कैसे हुआ था शीतला माता मंदिर के पास हादसा?
ग्वालियर से करीब 26 से 27 किलोमीटर दूर चिनौर रोड पर शीतला माता मंदिर स्थित है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। हादसे की रात भी मंदिर के बाहर लोगों की भीड़ थी। कुछ श्रद्धालु दर्शन के लिए कतार में खड़े थे, जबकि कुछ लोग आसपास विश्राम कर रहे थे।इसी दौरान पंजाब नंबर प्लेट वाला धान से लदा ट्रक ढलान वाले रास्ते पर अनियंत्रित हो गया। ट्रक ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को टक्कर मारते हुए कुचल दिया और आगे जाकर मंदिर की दीवार से टकरा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में कई लोग इसकी चपेट में आए थे। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे के बाद पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
घटना के बाद प्रशासन ने पुलिस व्यवस्था को लेकर भी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को पद से हटा दिया गया। इसके अलावा तीन थाना प्रभारियों और एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण है। खासकर धार्मिक स्थलों के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
शीतला माता मंदिर के पास हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 होने के बाद इलाके में शोक का माहौल है। नवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात नियंत्रण और सुरक्षा इंतजामों की अहमियत एक बार फिर सामने आई है।फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन की कार्रवाई के साथ हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।