Health: हाई हील्स पहनना कई लोगों के लिए फैशन और स्टाइल का हिस्सा है। लेकिन ऊंची एड़ी वाले जूते पहनने से शरीर का संतुलन, चलने का तरीका और मांसपेशियों की गतिविधि बदल सकती है। खासकर लंबे समय तक हील्स पहनकर खड़े रहने या चलने पर कुछ लोगों को पैरों, घुटनों, कूल्हों और कमर के निचले हिस्से में दर्द या खिंचाव महसूस हो सकता है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। हील्स की ऊंचाई, डिजाइन और उन्हें पहनने की अवधि भी इसमें अहम भूमिका निभाती है।
शरीर का बैलेंस कैसे बदलती हैं हाई हील्स?
ऊंची एड़ी पहनने पर शरीर का वजन पैरों पर अलग तरह से पड़ता है। पतली हील्स में जमीन से संपर्क का क्षेत्र कम होने के कारण संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में शरीर की मांसपेशियों और जोड़ों को स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार काम करना पड़ता है। इससे चलने के दौरान कदमों की लंबाई और पैरों की मूवमेंट भी प्रभावित हो सकती है। सड़क, सीढ़ियों और फिसलन वाली जगहों पर टखना मुड़ने या गिरने का जोखिम बढ़ सकता है।
स्पाइन और कमर पर क्या पड़ता है असर?
हाई हील्स पहनने से शरीर को संतुलित रखने के लिए घुटनों, कूल्हों की स्थिति में बदलाव हो सकता है। इससे रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से यानी लंबर स्पाइन का घुमाव भी कुछ लोगों में बदल सकता है। लंबे समय तक खड़े रहने या चलने पर पीठ और पेट की मांसपेशियों पर अलग तरह का दबाव पड़ सकता है, जिससे कमर में थकान या असहजता महसूस हो सकती है। हालांकि, हाई हील्स पहनने से हर व्यक्ति को कमर दर्द होगा, ऐसा जरूरी नहीं है।
हिप्स और जांघों में क्यों हो सकती है परेशानी?
हाई हील्स पहनने पर शरीर को स्थिर रखने के लिए कूल्हों के आसपास की मांसपेशियों को अलग तरीके से काम करना पड़ सकता है। इससे लंबे समय तक हील्स पहनने या उनमें ज्यादा चलने पर कुछ लोगों को हिप्स, जांघों और कमर के आसपास खिंचाव महसूस हो सकता है। रिसर्च में हाई हील्स के कारण शरीर की चाल और मांसपेशियों के समन्वय में बदलाव देखे गए हैं। हालांकि, कूल्हों में दर्द होने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए हर परेशानी को केवल हील्स से जोड़ना सही नहीं है।
हाई हील्स पहनते समय बरतें ये सावधानियां
अगर आपको हाई हील्स पहनना पसंद है, तो ऐसी हील चुनें जो पैरों में ठीक से फिट हो और चलने के दौरान स्थिरता दे। बहुत ऊंची या बेहद पतली हील्स को लंबे समय तक पहनने से बचें। जरूरत के अनुसार बीच-बीच में आरामदायक फ्लैट जूते पहनें और लंबे समय तक एक ही स्थिति में खड़े रहने से बचें। यदि हील्स पहनने के बाद बार-बार कमर, घुटनों या कूल्हों में दर्द होता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। लगातार या तेज दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लें।