CG News: हर-घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान से बदलेगी पोषण की तस्वीर! साय सरकार ने बनाई योजना

Rahul Goshwami

Chhattisgarh Har Ghar Munga Campaign: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ में कुपोषण और खून की कमी यानी एनीमिया से निपटने के लिए सरकार एक नई पहल शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत ‘हर-घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान चलाया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य मुनगे यानी सहजन के पौधों को घरों और स्कूलों तक पहुंचाना और लोगों के भोजन में पोषक तत्वों से भरपूर हरी सब्जियों को बढ़ावा देना है। इस पहल के तहत प्रदेश के करीब 23,500 स्कूलों में मुनगे के पौधे लगाने की तैयारी है।

अभियान के तहत राज्य के लगभग 23 हजार 500 स्कूलों में मुनगे के पौधे लगाने की योजना बनाई जा रही है। इससे स्कूल परिसरों में हरियाली बढ़ाने के साथ बच्चों को पोषण से जुड़ी जानकारी देने में भी मदद मिल सकती है। पौधों की देखभाल और उनके विकास पर ध्यान देना भी इस पहल का अहम हिस्सा होगा।सरकार की योजना केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य मुनगे को बच्चों के भोजन और स्थानीय पोषण व्यवस्था से जोड़ना भी है, ताकि लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।

स्कूलों में बनेंगी पोषण वाटिकाएं
इस अभियान को लेकर हाल ही में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में स्कूलों में पोषण वाटिकाएं विकसित करने और मध्याह्न भोजन यानी मिड-डे मील में मुनगे की भाजी शामिल करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।पोषण वाटिका के जरिए स्कूलों में उपयोगी सब्जियां उगाई जा सकेंगी। इससे बच्चों को पौष्टिक भोजन के महत्व को समझाने और स्थानीय स्तर पर पोषण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मुनगे की भाजी किस समय से और किन स्कूलों में भोजन में शामिल होगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
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मुनगा क्यों है पोषण के लिए उपयोगी?
मुनगा, जिसे सहजन भी कहा जाता है, इसकी पत्तियां और फलियां कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसकी पत्तियों में आयरन, कैल्शियम और कुछ विटामिन पाए जाते हैं। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन पोषण बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।हालांकि, केवल मुनगा खाने से कुपोषण या एनीमिया पूरी तरह दूर होने की गारंटी नहीं है। इन समस्याओं से निपटने के लिए संतुलित भोजन, स्वास्थ्य जांच, जरूरत के अनुसार आयरन की दवा और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं भी अहम हैं।

जिलों के कलेक्टर करेंगे अभियान की निगरानी
योजना को जमीन पर लागू करने और पौधों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों को निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी। बैठक में पौधों की तैयारी, रोपण, देखभाल और नियमित निरीक्षण जैसे विषयों पर चर्चा हुई।पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल करना भी जरूरी होगा, ताकि वे सूखें नहीं और समय के साथ विकसित हो सकें। नियमित निगरानी से अभियान की प्रगति का आकलन करने और जरूरत के अनुसार सुधार करने में मदद मिल सकती है।

पोषण सुधार की दिशा में नई पहल
‘हर-घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान छत्तीसगढ़ में पोषण सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन सकता है। स्कूलों में पौधे लगाने, पोषण वाटिकाएं बनाने और मुनगे की भाजी को भोजन से जोड़ने की योजना का असर उसके सही क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।फिलहाल अभियान की तैयारी और बैठक में हुई चर्चा की जानकारी सामने आई है। इसके लागू होने की तारीख, घरों तक पौधे पहुंचाने की प्रक्रिया और स्कूलों में इसे शुरू करने का विस्तृत कार्यक्रम आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगा।

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