रीवा। Nishaanebaz.com-Rewa Ayurveda College Protest: मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित शासकीय आयुर्वेद कॉलेज में इंटर्न चिकित्सकों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच गया है। स्टाइपेंड (वेतनमान) बढ़ाने और अपनी अन्य मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन की राह पर चल रहे छात्रों ने गुरुवार को आक्रामक रुख अपनाते हुए अस्पताल के मुख्य गेट और ओपीडी गेट पर ताला जड़ दिया। तालाबंदी के बाद छात्र सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते नजर आए। इस अचानक हुए प्रदर्शन के कारण अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों, उनके परिजनों और चिकित्सा स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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डिग्रियां तक जलाने के बाद भी नहीं पिघला प्रशासन
छात्रों का आरोप है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। इससे पहले छात्रों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए अस्पताल गेट के बाहर अपनी डिग्रियां तक जला दी थीं।
रीवा के शासकीय आयुर्वेद कॉलेज में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न चिकित्सकों ने अस्पताल और OPD गेट पर ताला लगाया। प्रदर्शन से मरीजों और एडमिशन के लिए पहुंचे छात्रों को परेशानी हुई।
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छात्रों ने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से लेकर जिले के कलेक्टर तक गुहार लगाई, लेकिन जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो उन्होंने यह कड़ा कदम उठाया। धरने पर बैठे छात्रों का दोटूक कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन इसी प्रकार जारी रहेगा।
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एडमिशन के आखिरी दिन छात्रों और मरीजों की बढ़ी दुश्वारियां
ओपीडी और मुख्य गेट पर ताला लगने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी उन छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ी जो कॉलेज में नया एडमिशन लेने के लिए पहुंचे थे, क्योंकि गुरुवार को प्रवेश (एडमिशन) का आखिरी दिन था। इसके अलावा दूर-दराज से पहुंचे गंभीर मरीज बाहर ही खड़े रहने को मजबूर हो गए।
इस गंभीर स्थिति पर कॉलेज के डीन डॉ. दीपक कुलश्रेष्ठ और छात्र प्रतिनिधि मयंक त्रिपाठी ने अपनी-अपनी बातें रखीं। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा छात्रों को समझाइश देने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जिससे आयुर्वेद अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
