टीकमगढ़ (जमील खान)। Nishaanebaz.com-Terror In Tikamgarh PHC: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) मवई में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास एक विशाल और अति-विषैला ब्लैक कोबरा देखा गया। अस्पताल के गेट के ठीक बगल में फन फैलाए बैठे कोबरा पर नजर पड़ते ही ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों, मरीजों और उनके तीमारदारों में दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए मरीज और उनके परिजन इधर-उधर भागते नजर आए।
दो दिनों में दूसरी बार दिखा कोबरा, दो घंटे तक मचा रहा हड़कंप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की कर्मचारी रजनी रजक और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महज दो दिन पहले भी इसी जगह के आसपास कोबरा सांप देखा गया था। मंगलवार को जब यह दोबारा दिखाई दिया और प्रवेश द्वार के पास बने बिल में घुस गया, तो मरीजों और स्टाफ की चिंता बढ़ गई। लगभग दो घंटे तक अस्पताल परिसर में दहशत का माहौल बना रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत डीएफओ (DFO) राजाराम परमार को घटना की सूचना दी और सर्प विशेषज्ञ को भेजने का आग्रह किया।
वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू सूचना मिलते ही डीएफओ के निर्देश पर वन विभाग की टीम हरकत में आई। डिप्टी रेंजर राहुल वर्मा और सर्प विशेषज्ञ वनरक्षक दीपेश प्रजापति तुरंत मौके पर पहुंचे। वनरक्षक दीपेश प्रजापति ने भारी मशक्कत और सूझबूझ का परिचय देते हुए गेट के पास बने संकरे बिल से खूंखार कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला और डिब्बे में बंद किया। इसके बाद टीम ने सांप को ले जाकर सुरक्षित प्राकृतिक जंगल में छोड़ दिया, जिसके बाद ही अस्पताल स्टाफ और भर्ती मरीजों ने राहत की सांस ली।
बुंदेलखंड का खतरनाक ‘करिया सांप’, सर्पदंश पर दी बड़ी सलाह रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा करने के बाद सर्प विशेषज्ञ एवं वनरक्षक दीपेश प्रजापति ने बताया कि बुंदेलखंड अंचल में इस ब्लैक कोबरा को स्थानीय भाषा में ‘करिया सांप’ कहा जाता है। यह न्यूरोटॉक्सिन (Neurotoxin) जहर से भरा होता है, जो बेहद जानलेवा और खतरनाक साबित हो सकता है।
उन्होंने आम जनता से अपील की है कि ग्रामीण अंचलों में सर्पदंश (सांप के काटने) की घटना होने पर किसी भी सूरत में झाड़-फूंक, टोने-टोटके या नीम-हकीमों के चक्कर में न पड़ें। सर्पदंश की स्थिति में बिना समय गंवाए पीड़ित को सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं, ताकि सही समय पर एंटी-वेनम इंजेक्शन देकर उसकी जान बचाई जा सके।


