टीकमगढ़। Nishaanebaz.com-Tikamgarh Court Incident: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिला न्यायालय परिसर से मंगलवार शाम एक बेहद सनसनीखेज और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां अपने पिता के हत्यारोपियों को अदालत से जमानत (डिफॉल्ट बेल) मिलने की सूचना से आहत एक युवक ने न्याय परिसर के भीतर ही फांसी लगाने का गंभीर प्रयास किया। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद सुरक्षा जवानों ने अत्यधिक तत्परता दिखाते हुए युवक को तुरंत दबोच लिया और एक बड़ा हादसा टल गया।
क्या है पूरा मामला और हत्याकांड की पृष्ठभूमि
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम मोहनगढ़ थाना क्षेत्र के कंचनपुरा निवासी जितेंद्र प्रजापति से जुड़ा हुआ है। जितेंद्र के पिता घनश्याम प्रजापति की हत्या 1 जुलाई 2025 की रात को हुई थी, जिस दौरान उनके परिवार के साथ मारपीट भी की गई थी। इस मामले में मोहनगढ़ पुलिस ने डॉ. प्रकाश कुशवाहा, चंद्रभान कुशवाहा (निवासी ककरेला, ललितपुर), खुशीराम यादव, रामराजा यादव (निवासी पटनापुर) और विद्याधर यादव (निवासी कुंवरपुरा) को आरोपी बनाया था।
मंगलवार को जब जितेंद्र को यह जानकारी मिली कि उसके पिता के हत्यारोपियों को अदालत से डिफॉल्ट बेल मिल गई है, तो वह बुरी तरह आहत हो गया। इसी बात से उपजे आक्रोश और रोष के चलते उसने न्यायालय परिसर में ही फांसी लगाने का खतरनाक कदम उठा लिया।
पुलिस और वकीलों ने दी समझाइश
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए जितेंद्र को सुरक्षित बचा लिया और इसकी सूचना तत्काल देहात थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले आई।
देहात थाना प्रभारी चंद्रजीत यादव ने पीड़ित युवक को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए धैर्य रखने की समझाइश दी और ढांढस बंधाकर उसे सकुशल घर भेज दिया। वहीं, इस पूरे मामले पर एडवोकेट मुकेश साहू ने बताया कि युवक ने आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिलने के विरोध में यह आवेशपूर्ण कदम उठाया था। पुलिस और प्रशासन इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।






