Indore Loan Fraud: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- इंदौर में करोड़ों रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने प्रॉपर्टी की कथित फर्जी वैल्यूएशन और दस्तावेजों के जरिए लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में नवीन ओझा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में करीब 30 लाख 75 हजार रुपये की ठगी की गई है। वहीं, आरोपी का साथी गौरव खंडेलवाल अभी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, हर्ष नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसकी मुलाकात राहुल खंडेलवाल से हुई थी। आरोप है कि राहुल ने उसकी मुलाकात चोला मंडल फाइनेंस कंपनी के अधिकारी नवीन ओझा से कराई।पुलिस के अनुसार, नवीन ओझा और उसके साथियों ने हर्ष को 2 करोड़ 5 लाख रुपये का लोन दिलाने का भरोसा दिया। इसके लिए उसे एक प्रॉपर्टी खरीदने के लिए कहा गया।
26 लाख का प्लॉट, रजिस्ट्री करीब 35 लाख में
शिकायत के मुताबिक, पीड़ित ने करीब 26 लाख रुपये कीमत का एक प्लॉट खरीदा। इस प्लॉट की रजिस्ट्री करीब 35 लाख रुपये में कराई गई। इसके बाद इसी प्रॉपर्टी को बैंक के पास गिरवी रखकर 2 करोड़ 5 लाख रुपये का लोन लेने की प्रक्रिया शुरू की गई।पुलिस का कहना है कि लोन की रकम राहुल खंडेलवाल के खाते में पहुंची। इसके बाद जब लोन की किस्तें जमा नहीं हुईं तो पीड़ित को मामले में गड़बड़ी का शक हुआ।
बैंक से जानकारी ली तो खुला फर्जीवाड़ा
पीड़ित ने बैंक से लोन से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रिया की जानकारी जुटाई। इसी दौरान उसे कथित तौर पर पता चला कि लोन लेने के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज फर्जी थे।इसके बाद पीड़ित ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने नवीन ओझा और गौरव खंडेलवाल के खिलाफ धोखाधड़ी से जुड़ी विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।

एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश
क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए नवीन ओझा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब उसके साथी गौरव खंडेलवाल की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे मामले में और कितने लोग शामिल हैं और फर्जी दस्तावेजों के जरिए कितने मामलों में लोन लेने की कोशिश की गई।पुलिस के मुताबिक, नवीन ओझा के खिलाफ महू क्षेत्र में भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
30.75 लाख की ठगी की शिकायत
पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने कुल 30 लाख 75 हजार रुपये की ठगी की शिकायत की है। अब जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि रकम किस-किस खाते में गई और कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किन लोगों की भूमिका थी।मामले में पुलिस की आगे की जांच और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।






