Kanker News: कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में माओवादी डंप से बरामद करीब 20 लाख रुपए को लेकर पुलिस विभाग के भीतर जांच का मामला सामने आया है। आरोप है कि टोंडेमरका और मरमाकोनारी के जंगलों से बरामद करीब 15 लाख और 5 लाख रुपए को सरकारी प्रक्रिया के तहत जमा कराने के बजाय तत्कालीन दो डीएसपी ने आपस में बांट लिया। मामले में पुलिस विभाग की आंतरिक जांच जारी है।
जानकारी के मुताबिक, मार्च-अप्रैल के दौरान मुरागांव क्षेत्र के जंगलों में माओवादी डंप की तलाश के लिए पुलिस अभियान चला रही थी। इसी दौरान टोंडेमरका और मरमाकोनारी के जंगलों से पुलिस टीम को नकदी मिलने की बात सामने आई। आरोप है कि बरामद रकम को नियमानुसार जब्त कर सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय उसका कथित तौर पर बंटवारा कर लिया गया। मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक तक पहुंचने के बाद प्राथमिक स्तर पर जांच कराई गई। दोनों स्थानों से बरामद रकम और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई।
Kanker News: एसपी ने क्या कहा?
कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल कुमार राखेचा ने बताया कि आमाबेड़ा और कांकेर थाना क्षेत्र के टोंडामरका तथा मरमाकोनारी गांवों के जंगलों में नक्सली डंप से बरामद लाखों रुपए के कथित गबन की जानकारी सामने आई है। उन्होंने बताया कि एक स्थान से करीब 15 लाख रुपए और दूसरे स्थान से करीब 5 लाख रुपए बरामद होने की बात सामने आई है। एसपी के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है और आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद साझा की जाएगी।
अगस्त में उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है रिपोर्ट
Kanker News: जानकारी के अनुसार, दोनों मामलों की प्राथमिक जांच पूरी कर रिपोर्ट अगस्त में उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। फिलहाल आगे के निर्देश और कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों तत्कालीन डीएसपी अपनी टीम के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर गए थे। इसी दौरान माओवादी डंप से नकदी मिलने की बात सामने आई। अब विभागीय जांच में इस रकम की बरामदगी, जब्ती और उसके बाद की प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
दोनों अधिकारियों का हो चुका है तबादला
Kanker News: बताया जा रहा है कि जून-जुलाई के दौरान दोनों तत्कालीन डीएसपी का तबादला कर दिया गया था। इनमें से एक अधिकारी कोरबा और दूसरे को दंतेवाड़ा भेजे गए हैं। सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि आत्मसमर्पित माओवादियों से पूछताछ के दौरान इस मामले से जुड़ी कुछ जानकारी सामने आई थी। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Kanker News: सर्चिंग प्रक्रिया को लेकर भी उठे सवाल
Kanker News: मामले में दोनों तत्कालीन डीएसपी के आमाबेड़ा क्षेत्र में सर्चिंग के लिए जाने को लेकर भी सवाल उठने की बात कही जा रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान के दौरान आईईडी और अन्य विस्फोटकों का खतरा रहता है, इसलिए आमतौर पर सुरक्षा बलों और बम निरोधक दस्ते की टीमों के साथ सर्चिंग अभियान चलाए जाते हैं। फिलहाल करीब 20 लाख रुपए की बरामदगी और कथित गबन से जुड़े दोनों मामलों की प्राथमिक जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों के पास है। आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद तय होने की बात कही जा रही है।






