RDA NEWS : रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में प्रस्तावित भूखंडों के आवंटन को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। RDA की ओर से 16 सितंबर 2026 को इस योजना से संबंधित फाइनल प्लॉट अलॉटमेंट लिस्ट और अन्य दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं। इसके बाद कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने कुछ भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल उठाते हुए मुख्य सचिव से जांच की मांग की है।
RDA NEWS : डॉ. राकेश गुप्ता का आरोप है कि प्रदेश सरकार के मंत्री केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सड्डू में करीब 2,168 वर्गमीटर यानी 23,327 वर्गफीट का प्लॉट नंबर 25 प्रस्तावित रूप से दिया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने इस भूखंड की संभावित भविष्य की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए होने का अनुमान लगाया है। उनके मुताबिक प्लॉट प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी एमआर-43 सड़क के पास स्थित है।
कचना की जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट देने का दावा
कांग्रेस नेता के मुताबिक राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड की करीब 1.33 एकड़ जमीन कचना के नालापारा क्षेत्र में स्थित है। उनका दावा है कि इस जमीन तक पहुंचने के लिए संकरी सड़क है, जिसके कारण उसकी बाजार कीमत अपेक्षाकृत कम थी।
डॉ. गुप्ता का आरोप है कि नगर विकास योजना में जमीन को शामिल किए जाने के बाद कंपनी को कचना के बजाय सड्डू में भूखंड दिया जा रहा है। उन्होंने इसी बिंदु को लेकर आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
मूल जमीन से करीब एक किलोमीटर दूर भूखंड का आरोप
डॉ. गुप्ता ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा है कि पुनर्गठन के बाद अंतिम भूखंड सामान्य तौर पर मूल भूमि या उससे लगे क्षेत्र में दिए जाने से संबंधित प्रावधानों के तहत निर्धारित किया जाता है।
उनका आरोप है कि राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड की मूल जमीन कचना में होने के बावजूद प्रस्तावित भूखंड सड्डू में दिया जा रहा है। उनके मुताबिक दोनों स्थानों के बीच करीब एक किलोमीटर की दूरी है। इसी आधार पर उन्होंने प्रक्रिया की वैधानिकता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
दूसरे भू-स्वामियों के आवंटन पर भी सवाल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि योजना में कुछ अन्य भू-स्वामियों को प्रस्तावित एमआर-43 जैसी प्रमुख सड़क से जुड़े भूखंडों के बजाय अंदरूनी हिस्से में प्लॉट दिए गए हैं। उनका दावा है कि इससे अलग-अलग भू-स्वामियों को मिलने वाले भूखंडों के स्थान और उनके संभावित बाजार मूल्य को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
डॉ. गुप्ता ने पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना की प्रक्रिया की समीक्षा कराने और कथित अनियमितताओं की जांच के बाद उचित कार्रवाई की मांग की है।
RDA की योजना में क्या सामने आया?
RDA की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक कचना, लाभांडी और सड्डू गांवों के लिए प्रस्तावित टाउन डेवलपमेंट प्लान से संबंधित सूचनाएं सितंबर 2026 में जारी की गई हैं। इनमें नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 के तहत सीमांकन, डेवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशन और फाइनल प्लॉट अलॉटमेंट लिस्ट से संबंधित जानकारी शामिल है।
आरोपों पर क्या है स्थिति?
मामले में मंत्री केदार कश्यप की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया उपलब्ध रिपोर्ट में दर्ज नहीं है। वहीं RDA की ओर से यह कहा गया है कि दावा-आपत्ति प्राप्त होने की स्थिति में मामले की जांच नियमानुसार की जाएगी।
RDA NEWS : फिलहाल विवाद का केंद्र प्रस्तावित भूखंडों का स्थान, मूल भूमि के बदले मिलने वाले फाइनल प्लॉट और आवंटन की प्रक्रिया है। कांग्रेस नेता ने जहां इसे जांच का विषय बताया है, वहीं अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों, दावा-आपत्तियों और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।






