Khandwa Health Services: खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। मूंदी थाना क्षेत्र के बीड़ गांव में रेलवे ट्रैक के पास एक युवक ट्रेन की चपेट में आकर घायल हो गया। हादसे के बाद लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब एक घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। आखिरकार घायल युवक को बाइक से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
ट्रेन की चपेट में आने से घायल हुआ युवक
जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान कुलदीप के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कुलदीप बीड़ गांव में रेलवे ट्रैक के पास था। इसी दौरान अचानक ट्रेन की चपेट में आने से वह घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसकी मदद की और एंबुलेंस के लिए सूचना दी।हादसे के बाद घायल युवक को तत्काल इलाज की जरूरत थी। मौके पर मौजूद लोग एंबुलेंस के पहुंचने का इंतजार करते रहे, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची।
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एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, एंबुलेंस के लिए करीब एक घंटे तक इंतजार किया गया। इस दौरान घायल युवक मौके पर ही मदद और उपचार का इंतजार करता रहा। समय बीतने के साथ लोगों की चिंता बढ़ती गई।
जब काफी देर तक एंबुलेंस नहीं आई तो लोगों ने इंतजार करने के बजाय खुद घायल को अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया। इसके बाद एक बाइक की मदद से घायल कुलदीप को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।
बाइक से लेकर पहुंचे जिला अस्पताल
लोग घायल युवक को मोटरसाइकिल से जिला अस्पताल खंडवा लेकर पहुंचे। हादसे में घायल व्यक्ति को एंबुलेंस की जगह बाइक से अस्पताल ले जाने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन सेवाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने कुलदीप का उपचार शुरू किया। उपचार मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।
घटना ने खड़े किए कई सवाल
इस पूरे मामले ने जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्घटना या ट्रेन हादसे जैसी स्थिति में घायल को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में एंबुलेंस के लिए लंबे समय तक इंतजार करने की बात सामने आने से व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि घायल व्यक्ति को समय पर इलाज मिल सके। उनका कहना है कि अगर एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं होती तो गंभीर स्थिति वाले मरीज के लिए परेशानी और बढ़ सकती है।
हालांकि, एंबुलेंस के मौके पर नहीं पहुंचने या देरी होने की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। ऐसे में इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।फिलहाल कुलदीप का जिला अस्पताल में इलाज किया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, घटना के बाद एंबुलेंस सेवा की उपलब्धता और आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं।






