Rewa News: रीवा की राजनीति में इन दिनों सांसद जनार्दन मिश्रा के बेटे अंकुर मिश्रा चर्चा में हैं। सरपंच पद के उपचुनाव को लेकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे अंकुर मिश्रा ने अपने पिता से राजनीतिक दूरी और चुनाव में समर्थन नहीं मिलने को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि उन्हें सांसद के बेटे के तौर पर नहीं, बल्कि एक सामान्य व्यक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए।
अंकुर मिश्रा का कहना है कि अगर उन्हें सांसद पुत्र के रूप में राजनीतिक फायदा मिल रहा होता तो उन्हें इस तरह संघर्ष नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि वह एक आम व्यक्ति की तरह अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं और उनका मुकाबला उन लोगों से है, जिन्हें वह तानाशाही सोच वाला मानते हैं।
सांसद पुत्र की पहचान से क्यों बनाई दूरी?
अंकुर मिश्रा से जब पूछा गया कि यदि सांसद के बेटे की ही सुनवाई नहीं हो रही है तो आम आदमी की स्थिति क्या होगी, तो उन्होंने अपनी पहचान को लेकर स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें सांसद पुत्र के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
उनके मुताबिक, वह अपने दम पर सरपंच पद का उपचुनाव लड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पिता के सांसद होने का फायदा मिल रहा होता तो उन्हें चुनाव से जुड़े सामान्य कामों के लिए भी इस तरह संघर्ष नहीं करना पड़ता।
पिता से नाराजगी का भी किया जिक्र
अंकुर मिश्रा ने अपने पिता जनार्दन मिश्रा के साथ संबंधों को लेकर भी कई बातें कहीं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें घर से बाहर जाने के लिए कहा गया था। उन्होंने एक पुराने वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान वह अपने घर के बाहर खड़े नजर आए थे और बाद में घर से कपड़े मंगवाने पड़े।हालांकि, उन्होंने अपने पिता के प्रति सम्मान की बात भी कही। अंकुर ने कहा कि पिता आखिर पिता होते हैं और उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में उनके पिता उन्हें माफ कर सकते हैं।
चुनाव प्रचार में नहीं दिखेंगे सांसद?
पिता के चुनाव प्रचार में शामिल होने के सवाल पर अंकुर मिश्रा ने कहा कि जनार्दन मिश्रा ने उन्हें अपने दम पर आगे बढ़ने की बात कही है। उनके अनुसार, उनके पिता ने हमेशा सामान्य जीवन जीने की सलाह दी है।
अंकुर मिश्रा ने बताया कि उनके पिता ने सांसद बनने के बाद भी उनसे कहा था कि ऐसा जीवन जियो, जिसमें परिवार में किसी के सांसद होने का प्रभाव दिखाई न दे। उन्होंने अपने सामान्य जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह साइकिल से भी चलते हैं।
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भाई से प्रचार की उम्मीद
अंकुर मिश्रा ने अपने भाई को लेकर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह चुनाव में उनके लिए प्रचार कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आगे परिस्थितियां किस तरह बदलती हैं, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
वहीं, पिता जनार्दन मिश्रा के चुनाव में मतदान करने को लेकर अंकुर ने बताया कि उनके पिता बीमार हैं और दिल्ली में हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका अपने पिता से राजनीतिक या व्यक्तिगत स्तर पर कोई संबंध नहीं है।जनार्दन मिश्रा भारतीय जनता पार्टी से रीवा के सांसद हैं और रीवा लोकसभा सीट से लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए हैं। सरपंच पद के उपचुनाव को लेकर अंकुर मिश्रा के इन बयानों ने स्थानीय राजनीति में चर्चा जरूर बढ़ा दी है।






