MP Khandwa Patwari Patta Scam: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ा मामला सामने आया है। कोलगांव में तैयार किए गए 935 पट्टों के रिकॉर्ड की जांच के दौरान तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई और उनकी पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम कुल 51 पट्टे दर्ज होने की जानकारी सामने आई। इनमें 48 पट्टे राजेश मंडलोई और तीन पट्टे उनकी पत्नी के नाम बताए गए हैं।
मामले की शिकायत ग्रामीणों और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की ओर से कलेक्टर से की गई। शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने अब पूरे रिकॉर्ड की दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
935 पट्टों की सूची से सामने आया मामला
कोलगांव में स्वामित्व भू-अधिकार निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के तहत कुल 935 पट्टों का रिकॉर्ड तैयार किया गया था। इसी सूची की जांच के दौरान पटवारी परिवार के नाम बड़ी संख्या में पट्टे दर्ज होने की बात सामने आई।बताया गया है कि 48 प्रविष्टियां राजेश मंडलोई और तीन प्रविष्टियां उनकी पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम दर्ज थीं। इसके बाद ग्रामीणों ने संबंधित राजस्व रिकॉर्ड की जानकारी जुटानी शुरू की।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की शिकायत
मामले को लेकर ग्रामीण शुभम तोमर ने शिकायत की। इसके अलावा कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने भी दस्तावेजों के आधार पर प्रशासन के सामने मामला उठाया।शिकायत में दावा किया गया कि कुछ ऐसी जमीनों की प्रविष्टियां भी पटवारी और उनकी पत्नी के नाम दर्ज हुईं, जिनका इस्तेमाल ग्रामीणों या सार्वजनिक गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है। इनमें रास्ते, साझा आंगन और खुली जमीन जैसी जगहों का भी उल्लेख किया गया है।हालांकि, इन जमीनों की वास्तविक स्थिति और स्वामित्व को लेकर अंतिम निष्कर्ष विस्तृत प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगा।
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मौके पर पहुंचकर हुई जांच
शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई। वर्तमान पटवारी राकेश पटेल को मौके पर भेजकर संबंधित जमीनों का निरीक्षण कराया गया।ग्रामीणों की मौजूदगी में संबंधित खसरों और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान किया गया। प्रशासन की ओर से जांच में शिकायत में बताई गई गड़बड़ी सही पाए जाने की बात कही गई है।इसके बाद मामले में विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
अब 935 रिकॉर्ड की होगी दोबारा पड़ताल
प्रशासन ने सिर्फ 51 पट्टों तक जांच सीमित रखने के बजाय कोलगांव में तैयार किए गए सभी 935 पट्टों के रिकॉर्ड और खसरों की दोबारा जांच कराने का फैसला किया है।इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं अन्य जमीनों की प्रविष्टियों में भी इसी तरह की गड़बड़ी तो नहीं हुई। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि पात्र ग्रामीणों के अधिकार से जुड़ी जमीनों का रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज है या नहीं।
पटवारी राजेश मंडलोई निलंबित
जांच के बाद तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।रिपोर्ट के मुताबिक नायब तहसीलदार की जांच के आधार पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की गई। मामले में विभागीय जांच भी शुरू की गई है।अब आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि रिकॉर्ड में 51 पट्टे पटवारी और उनकी पत्नी के नाम किस प्रक्रिया के तहत दर्ज हुए और इसके लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
रिकॉर्ड की जांच से सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल प्रशासन का फोकस कोलगांव के पूरे राजस्व रिकॉर्ड की पड़ताल पर है। 935 पट्टों की दोबारा जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्ड में कितनी प्रविष्टियां नियमों के अनुरूप हैं और किन मामलों में सुधार की जरूरत है।अगर जांच में अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल राजेश मंडलोई का निलंबन और 935 पट्टों की जांच इस मामले की प्रमुख कार्रवाई है।







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