Ajay Chandrakar Defamation Case: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त के ध्वजारोहण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब न्यायालय तक पहुंच गया है। कुरूद से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर मंगलवार को धमतरी सत्र न्यायालय पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा राठौर के खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद प्रस्तुत किया है। विधायक के साथ बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।अजय चंद्राकर का आरोप है कि भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हुए पुराने ध्वजारोहण के वीडियो को कथित तौर पर AI की मदद से अलग संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम से जोड़कर प्रसारित किया गया।
पुराने वीडियो को 15 अगस्त से जोड़ने का आरोप
विधायक के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य शासन ने उन्हें अतिथि के रूप में ध्वजारोहण के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।अजय चंद्राकर का दावा है कि भाजपा के प्रशिक्षण शिविर में 13 मार्च को हुए ध्वजारोहण के वीडियो को कथित तौर पर अलग संदर्भ में पेश किया गया। आरोप है कि इस वीडियो को 15 अगस्त के कार्यक्रम से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया गया।विधायक ने कहा कि इस तरह की पोस्ट से उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो के जरिए भाजपा के खिलाफ भ्रामक प्रचार किया गया।
सुप्रिया श्रीनेत और नेहा राठौर पर क्या आरोप?
अजय चंद्राकर के मुताबिक, सुप्रिया श्रीनेत और नेहा राठौर ने कथित वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। विधायक का आरोप है कि पोस्ट में यह दावा किया गया कि स्वतंत्रता दिवस के दिन राष्ट्रीय ध्वज के स्थान पर भाजपा का झंडा फहराया गया।चंद्राकर ने इन आरोपों को गलत बताते हुए न्यायालय का रुख किया है। हालांकि, वीडियो की वास्तविकता, उसके संदर्भ और सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े सभी तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायालय की प्रक्रिया में होगा।
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वकील ने बताया- आर्थिक मुआवजे की मांग नहीं
विधायक के अधिवक्ता विशाल शुक्ला ने बताया कि दोनों के खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल किया गया है। अधिवक्ता के अनुसार, परिवाद में आर्थिक क्षतिपूर्ति की मांग नहीं की गई है।उन्होंने बताया कि न्यायालय से आपराधिक मानहानि के तहत कार्रवाई और सजा की मांग की गई है। अब अदालत उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
अजय चंद्राकर के न्यायालय पहुंचने के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस मामले को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।विधायक ने कहा कि उन्होंने मामले से जुड़े साक्ष्यों के साथ न्यायालय की शरण ली है। अब आगे की कार्रवाई अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगी।
अब न्यायालय की प्रक्रिया पर नजर
ध्वजारोहण विवाद में दाखिल परिवाद के बाद अब मामले की अगली दिशा न्यायालय के निर्णयों पर निर्भर करेगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अदालत परिवाद पर किस तारीख को सुनवाई करेगी और आगे कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल होना आरोपों का न्यायिक रूप से सिद्ध होना नहीं है। मामले में सभी संबंधित पक्षों का पक्ष और न्यायालय की आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।







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