Monday, September 21, 2026
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MP News: स्वामित्व योजना में बदला रजिस्ट्री का नियम, अब पटवारी के नाम नहीं होगी संपत्ति दर्ज

MP News: भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत संपत्तियों की रजिस्ट्री को लेकर राज्य सरकार ने बदलाव का फैसला किया है। अब इस योजना के तहत होने वाली रजिस्ट्री पटवारी के नाम पर नहीं की जाएगी, बल्कि संपत्ति का पंजीयन शासन के नाम पर किया जाएगा। यह फैसला पटवारियों की ओर से जताई जा रही आपत्ति के बाद सामने आया है।

पटवारियों की मांग पर बदला फैसला

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने इस बदलाव की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस विषय में विभाग के प्रमुख सचिव से चर्चा हो चुकी है। मंत्री के अनुसार, आगे पटवारियों को इस प्रक्रिया के कारण किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।सरकार के इस फैसले से स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति पंजीयन की प्रक्रिया में पटवारियों की भूमिका को लेकर उठ रही चिंताओं को दूर करने की कोशिश की गई है।

अब शासन के नाम होगी रजिस्ट्री

स्वामित्व योजना के तहत निजी संपत्तियों से जुड़े अधिकार अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। पहले इन संपत्तियों की रजिस्ट्री पटवारी के नाम किए जाने को लेकर पटवारियों में नाराजगी थी। अब सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए रजिस्ट्री शासन के नाम करने का फैसला लिया है।इस बदलाव का उद्देश्य योजना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना और पटवारियों की ओर से सामने आई आपत्ति को दूर करना बताया गया है। नई व्यवस्था के तहत संपत्ति से जुड़े अधिकार अभिलेखों के पंजीयन की प्रक्रिया शासन के नाम से की जाएगी।

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17 सितंबर को शुरू हुई योजना

मध्य प्रदेश में ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ की शुरुआत 17 सितंबर को इंदौर में की गई थी। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मौजूद रहे। योजना के तहत प्रदेश में करीब 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का मुफ्त पंजीयन किए जाने की जानकारी दी गई है।

सरकार खर्च करेगी करीब 4 हजार करोड़

राज्य सरकार के अनुसार, इस योजना को लागू करने में करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। योजना का उद्देश्य निजी संपत्तियों से जुड़े अधिकार अभिलेखों के पंजीयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

सरकार की ओर से योजना के तहत बड़ी संख्या में संपत्तियों को पंजीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में रजिस्ट्री के नाम को लेकर किया गया बदलाव प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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पटवारियों को परेशानी नहीं होने का दावा

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि विभागीय स्तर पर इस विषय में बात हो चुकी है और आगे पटवारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सरकार की ओर से यह कदम पटवारियों की मांग को स्वीकार करने के तौर पर बताया गया है।अब योजना के तहत रजिस्ट्री किस प्रक्रिया से होगी और संबंधित विभागों के स्तर पर इसके लिए क्या निर्देश जारी किए जाएंगे, यह आगे स्पष्ट होगा।

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