इंदौर। Nishaanebaz.com-Chhatron Ki Goonj Controversy: इंदौर में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम के समापन के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में नया उबाल आ गया है। कार्यक्रम के मंच पर बुलाए गए छात्रों और उनकी राजनीतिक संबद्धता (Political Affiliation) को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि इस गैर-राजनीतिक बताए गए कार्यक्रम में सामान्य छात्रों के बजाय कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारियों को पहले से तय करके मंच पर पेश किया गया।
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी के इस आयोजन में छात्रों की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय एक ‘स्क्रिप्टेड नौटंकी’ की गई। बीजेपी का दावा है कि मंच पर उज्जैन की जिला पंचायत सदस्य राधा मालवीय, एनएसयूआई (NSUI) की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य रंजीत और कांग्रेस पदाधिकारी तानैय शर्मा को छात्र बताकर राहुल गांधी से संवाद कराया गया। राकेश यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कार्यक्रम को गैर-राजनीतिक बताकर जनता को गुमराह किया, जबकि मंच पर केवल अपने ही कार्यकर्ताओं को बिठाकर इसे पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया।
बीजेपी के इन गंभीर आरोपों पर पलटवार करते हुए मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि इंदौर में राहुल गांधी को मिले अभूतपूर्व जनसमर्थन और युवाओं के उत्साह को देखकर बीजेपी पूरी तरह भयभीत और बेचैन हो गई है। सज्जन वर्मा ने कहा कि बीजेपी उन सामान्य युवाओं को भी कांग्रेस और एनएसयूआई से जोड़कर सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार कर रही है, जिन्होंने राहुल गांधी से अपनी समस्याएं साझा की थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवास का एक युवा जो राहुल से मिला, वह बेहद साधारण ड्राइवर परिवार से आता है।
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कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने आगे कहा कि देश की बड़ी आबादी कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखती है और आज देश का युवा अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर पूरी तरह जागरूक हो चुका है। उन्होंने राहुल गांधी को देश के युवाओं की असली आवाज करार दिया। वहीं, दूसरी तरफ ओबीसी (OBC) आरक्षण और मुद्दों पर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि मामला फिलहाल माननीय न्यायालय के विचाराधीन है और अदालती आदेश के बाद ही इसका विधिवत निराकरण होगा। फिलहाल, दोनों प्रमुख राजनीतिक दल मंच पर मौजूद लोगों की प्रोफाइल को लेकर एक-दूसरे पर हमलावर हैं।







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