illegal liquor action in Vindhya: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज होती दिख रही है। इसी कड़ी में रीवा जिले के मऊगंज और चाकघाट इलाके में आबकारी विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर बड़ी छापेमारी की।इस कार्रवाई में टीम ने अलग-अलग 17 ठिकानों पर दबिश दी। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में महुआ से तैयार होने वाली शराब का कच्चा माल और हाथ भट्टी शराब बरामद की गई। कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध शराब बनाने और बेचने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद दूसरे जिलों में भी अवैध शराब के कारोबार पर नजर बढ़ाई जा रही है। विंध्य में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई इसी बढ़ी हुई निगरानी का हिस्सा मानी जा रही है।रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह के निर्देश पर मऊगंज, चाकघाट और आसपास के क्षेत्रों में आबकारी विभाग की टीम सक्रिय हुई। पुलिस बल की मदद से उन जगहों पर पहुंचकर जांच की गई, जहां अवैध शराब बनाए जाने की सूचना थी।
रिहायशी इलाकों में पहुंची टीम
आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम डिघिया और चाकघाट के वार्ड नंबर 10 स्थित मल्लाहटी में कई रिहायशी मकानों पर छापे मारे। टीम ने घरों और आसपास के स्थानों की जांच की।अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में महुआ लाहन मिला। यह शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल है। इसके अलावा मौके से हाथ भट्टी से तैयार शराब भी बरामद की गई।कार्रवाई के दौरान अलग-अलग मामलों में कुल 17 प्रकरण दर्ज किए गए। यानी जांच के बाद 17 मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
5380 किलो महुआ लाहन बरामद
छापेमारी में आबकारी विभाग ने कुल 5380 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया। इसके साथ ही 165 लीटर हाथ भट्टी शराब भी जब्त की गई।विंध्य में शराब के खिलाफ अभियान के दौरान टीम को उत्तर प्रदेश में बनी शराब भी मिली। अधिकारियों ने 45 पाव शराब बरामद की है। बरामद पूरे सामान की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 66 हजार 350 रुपये बताई गई है।इतनी बड़ी मात्रा में शराब बनाने का कच्चा माल मिलने के बाद अब इस बात पर भी नजर है कि इसे तैयार करने और बेचने का काम किस तरह चल रहा था।
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17 मामलों में आबकारी कानून के तहत केस
आबकारी विभाग ने सभी मामलों में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के तहत कार्रवाई की है। विभाग के अनुसार धारा 34(1)(क)(च) के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तहत अब इन मामलों में आगे की जांच की जाएगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि बरामद शराब और कच्चे माल का इस्तेमाल कहां और किसके लिए किया जाना था।
सागर कांड के बाद लगातार बढ़ रही सख्ती
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों ने अवैध शराब के कारोबार को लेकर प्रशासन के सामने बड़ा सवाल खड़ा किया है। इसके बाद अलग-अलग इलाकों में जांच और छापेमारी बढ़ाई जा रही है।मऊगंज और चाकघाट में हुई कार्रवाई से साफ है कि आबकारी विभाग अब ऐसे ठिकानों पर भी नजर रख रहा है, जहां घरों या दूसरे स्थानों से शराब बनाने और बेचने का काम किए जाने की आशंका है।फिलहाल विंध्य में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के तहत हुई इस छापेमारी में बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की गई है। अब आगे की जांच में यह सामने आएगा कि इस कारोबार से जुड़े और कौन-कौन लोग हैं और शराब की आपूर्ति कहां तक हो रही थी।






