रायपुर। Nishaanebaz.com-Pending E Challan Lok Adalat Resolution: छत्तीसगढ़ में वाहन चालकों के लिए काम की खबर है। यदि आपके वाहन का ई-चालान (E-Challan) लंबे समय से पेंडिंग है, तो परिवहन विभाग द्वारा वाहन की आरसी (RC), फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य रोके जा सकते हैं। अकेले राजधानी रायपुर में पुराने और नए मामलों को मिलाकर सवा लाख से अधिक ई-चालान पेंडिंग हैं, जिनमें से लगभग 96,800 चालान अदालतों में प्रक्रियाधीन हैं।
इन लंबित ई-चालानों और भारी जुर्माने के मामलों से राहत दिलाने के लिए आगामी 12 सितंबर 2026 को राज्यभर में ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ (National Lok Adalat) का आयोजन किया जा रहा है।
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गुरुवार तक पंजीयन अनिवार्य, आपसी सहमति से होगा समाधान
लोक अदालत में अपने लंबित ई-चालानों का समाधान कराने के लिए वाहन मालिकों को पहले पंजीयन कराना होगा। पंजीयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इच्छुक लोग गुरुवार तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। लोक अदालत में मामलों का निपटारा आपसी सहमति और छूट के आधार पर किया जाएगा, जिससे चालान धारकों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया, बार-बार कोर्ट के चक्कर काटने और भारी पेनल्टी से मुक्ति मिलेगी।
कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम के तहत स्थायी व्यवस्था
उल्लेखनीय है कि कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22ए और 22बी के तहत सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े विवादों के त्वरित समाधान के लिए स्थायी लोक अदालतों का कानूनी प्रावधान है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर और जगदलपुर में वर्ष 2007 से, तथा दुर्ग एवं सरगुजा (अंबिकापुर) में वर्ष 2011 से स्थायी लोक अदालतें निरंतर संचालित हो रही हैं।
परिवहन से लेकर बिजली-पानी तक के मामलों की होगी सुनवाई
12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में केवल यातायात ई-चालान ही नहीं, बल्कि परिवहन, डाक, टेलीफोन, बिजली-पानी की आपूर्ति, सार्वजनिक सफाई, अस्पताल, बीमा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, शिक्षण संस्थानों और रियल एस्टेट से संबंधित पेंडिंग मामलों का भी एक ही दिन में आपसी सहमति से त्वरित निस्तारण किया जाएगा।






