मानपुर-मोहला। Nishaanebaz.com-Manpur Hostel Superintendent Absent: मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मानपुर ब्लॉक अंतर्गत वनांचल एवं सीमावर्ती क्षेत्र नवागांव स्थित शासकीय प्री-कन्या छात्रावास में रविवार को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। छात्रावास की अधीक्षक बिना किसी पूर्व सूचना, वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराए अथवा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना अचानक अपनी ड्यूटी छोड़कर गायब हो गईं, जिससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और अव्यवस्था का माहौल कायम हो गया।
जिम्मेदार अधिकारी की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत के कारण रविवार शाम को छात्रावास की रसोई पूरी तरह ठप रही। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आकर रहने वाली मासूम बच्चियों के लिए रात के भोजन का कोई प्रबंध नहीं हो सका। छात्रावास में न तो भोजन बना और न ही सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम दिखे, जिससे भूखी-प्यासी छात्राओं में असुरक्षा और भय का माहौल व्याप्त हो गया।
भय और भूख के साए में 38 छात्राएं घर जाने को मजबूर
इस भयावह अव्यवस्था और सुरक्षा के अभाव में छात्रावास में नामांकित कुल 40 बालिकाओं में से 38 बच्चियां रात में ही अपने-अपने परिजनों को सूचना देकर घर लौटने को मजबूर हो गईं। वर्तमान में छात्रावास में मात्र 2 बच्चियां ही बची रह गई हैं। स्थानीय ग्रामीण हेमंत कुमार मेश्राम और कृष्णा मोहुरले ने बताया कि 10 से 15 किलोमीटर दूर से आकर गरीब बच्चियां यहां पढ़ाई के लिए रहती हैं, लेकिन अधीक्षक बिना किसी को प्रभार दिए बोरिया-बिस्तर समेटकर चली गईं।
शिक्षा मंत्री के आगमन से ठीक पहले खुली दावों की पोल
उल्लेखनीय है कि सोमवार को ही प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का जिले में प्रथम आधिकारिक आगमन प्रस्तावित है। राज्य के शिक्षा विभाग के मुखिया के दौरे से ठीक एक दिन पहले शासकीय कन्या छात्रावास में उजागर हुई इस बदहाली ने विभागीय मुस्तैदी और सरकारी दावों की जमीनी हकीकत बयां कर दी है।
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ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, उठाई स्थाई अधीक्षक की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही नवागांव के स्थानीय ग्रामीणों और पालकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने छात्रावास परिसर के मुख्य द्वार पर एकत्र होकर प्रशासनिक नाकामी के खिलाफ जमकर नारेबाजी और विरोध जताया। ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और छात्रावास में तत्काल प्रभाव से स्थाई अधीक्षक की नियुक्ति करने की मांग की है।






