[nishaanebaz.com] MP News: प्रदीप शर्मा\भिंड। ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर एक बार फिर सड़क पर बैठे गोवंश की वजह से बड़ा हादसा हो गया। सेमरपुरा मोड़ के पास सड़क पर बैठे गोवंश को बचाने के लिए यात्री बस चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहा लोडिंग कैंटर अनियंत्रित होकर बस में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे।
हादसे में एक दर्जन से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं। टक्कर के कारण बस की कई सीटें क्षतिग्रस्त हो गईं और कुछ यात्री बस के अंदर ही फंस गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही बरोही थाना पुलिस और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
गोवंश को बचाने के लिए अचानक लगाया ब्रेक, पीछे से कैंटर ने मारी टक्कर
बताया जा रहा है कि यात्री बस NH-719 से गुजर रही थी। सेमरपुरा मोड़ के पास अचानक सड़क पर गोवंश बैठे दिखाई दिए। गोवंश से टकराने से बचने के लिए बस चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए।इसी दौरान पीछे से आ रहा तेज रफ्तार लोडिंग कैंटर चालक बस को संभाल नहीं सका और सीधे बस के पिछले हिस्से में जा घुसा। टक्कर के बाद बस में बैठे यात्रियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।कैंटर की टक्कर से बस की पीछे की तरफ की सीटों को नुकसान पहुंचा। कुछ यात्री सीटों के बीच फंस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।
मौके पर मची चीख-पुकार, पुलिस और ग्रामीणों ने शुरू किया रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही बरोही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास मौजूद लोगों ने भी राहत-बचाव में मदद की। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेजा गया।हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई।
एक महिला की हालत गंभीर, बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर
हादसे में एक दर्जन से अधिक यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया।इनमें एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने महिला को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। अन्य घायलों का जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
15 दिन पहले भी गोवंश की वजह से हुआ था भीषण हादसा
NH-719 पर गोवंश की वजह से हादसे का यह पहला मामला नहीं है। महज 15 दिन पहले 18 अगस्त को गोहद थाना क्षेत्र के छींमका मोड़ पर भी गोवंश को बचाने के प्रयास में मजदूरों से भरा पिकअप वाहन डंपर से टकरा गया था।उस भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 22 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस हादसे के बाद हाईवे पर गोवंश की समस्या को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
हादसों के बाद भी हाईवे से नहीं हट रहा गोवंश
लगातार हो रही घटनाओं के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाईवे पर खुलेआम घूम रहे गोवंश को हटाने और उनके सुरक्षित प्रबंधन के लिए जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं।सड़क पर बैठे या घूमते गोवंश अचानक सामने आने पर वाहन चालकों को ब्रेक लगाने या दिशा बदलने के लिए मजबूर कर देते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच ऐसी स्थिति में पीछे से टक्कर होने का खतरा और बढ़ जाता है।
बार-बार हादसों के बाद उठ रहे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
NH-719 पर लगातार सामने आ रहे हादसे सड़क सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। पहले छींमका मोड़ पर हुए हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने के बाद भी यदि हाईवे पर गोवंश की समस्या बनी हुई है, तो जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे के आसपास गोवंश के जमावड़े को रोकने के साथ-साथ उनके सुरक्षित ठहराव की व्यवस्था भी जरूरी है। सिर्फ हादसे के बाद राहत-बचाव करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दुर्घटनाओं की वजह बनने वाले कारणों को समय रहते खत्म करना जरूरी है।
एक और बड़े हादसे का इंतजार तो नहीं?
इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या किसी और बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? जब एक ही सड़क पर गोवंश से जुड़े हादसों में पहले ही कई लोगों की जान जा चुकी है, तो हाईवे की सुरक्षा को लेकर तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
फिलहाल पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। वहीं घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। इस घटना के बाद हाईवे पर गोवंश की मौजूदगी को लेकर प्रशासन के सामने एक बार फिर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।






