[nishaanebaz.com] Rewa News: रीवा। संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले को लेकर रीवा में राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। रविवार को यूथ कांग्रेस के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं में कथित अव्यवस्थाओं और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के अमहिया स्थित निजी आवास का घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारी पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को पार करते हुए आवास परिसर में पहुंच गए। मौके पर मौजूद पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की स्थिति बनी रही। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर किया गया।कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संजय गांधी अस्पताल में लगातार सामने आ रही घटनाएं स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
जच्चा-बच्चा की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध
संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आने के बाद से ही परिजन धरने पर बैठे हैं। परिवार की ओर से मामले में आपराधिक एफआईआर दर्ज करने की मांग की जा रही है।कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामले में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है, लेकिन पीड़ित परिवार इससे संतुष्ट नहीं है। परिजन घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।इसी मामले को लेकर रविवार को यूथ कांग्रेस ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अपना विरोध तेज किया।
पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर आवास परिसर में पहुंचे कार्यकर्ता
रविवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए अमहिया स्थित उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के आवास की ओर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेड्स लगाए थे।हालांकि, प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पार कर आवास परिसर में दाखिल हो गए। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।मामला बढ़ता देख अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर किया। घटना के दौरान काफी देर तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही।
‘जिंदा मरीज को मृत घोषित करने’ का मामला भी उठा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संजय गांधी अस्पताल में पहले सामने आए उस मामले का भी मुद्दा उठाया, जिसमें एक मरीज को कथित तौर पर जीवित रहते हुए मृत घोषित किए जाने का आरोप लगा था।इस घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। बाद में मामले में अस्पताल स्तर पर जांच और कार्रवाई की बात सामने आई थी।यूथ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक के बाद एक सामने आ रही घटनाओं से अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अस्पताल की पांचवीं मंजिल से मरीज के कूदने की घटना का भी जिक्र
प्रदर्शनकारियों ने संजय गांधी अस्पताल की पांचवीं मंजिल से मरीज के कूदने की घटना को भी अपने विरोध का हिस्सा बनाया। इसके अलावा अस्पताल परिसर में छज्जा गिरने और तीमारदारों तथा सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद और मारपीट जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया गया।कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को पर्याप्त सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाएं नहीं मिल पा रही हैं। उनका कहना है कि विंध्य क्षेत्र के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र में इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार पर निशाना
यूथ कांग्रेस नेताओं ने स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब रीवा जैसे महत्वपूर्ण जिले के सबसे बड़े अस्पताल में लगातार विवाद और अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो प्रदेश के अन्य सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार, मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और गंभीर मामलों में जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
प्रदर्शन से गरमाया राजनीतिक माहौल
संजय गांधी अस्पताल से जुड़े मामलों को लेकर रीवा में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। एक ओर अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं में सुधार तथा जांच की बात कही जा रही है, वहीं कांग्रेस लगातार सरकार और स्वास्थ्य विभाग को घेर रही है।रविवार को स्वास्थ्य मंत्री के आवास तक पहुंचे प्रदर्शन और पुलिस के साथ हुई झूमाझटकी ने इस राजनीतिक विवाद को और तूल दे दिया है।अब नजर इस बात पर है कि अस्पताल में सामने आए मामलों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तथा जिम्मेदारी तय करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।






