[nishaanebaz.com] Sagar Liquor Tragedy: सागर। सागर में जहरीली शराब पीने से 15 लोगों की मौत के बाद मध्यप्रदेश की सियासत गरमा गई है। घटना को लेकर कांग्रेस ने मोहन यादव सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने अवैध शराब के कारोबार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहरीली शराब बेचने वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सरकार को घेरते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने जहरीली शराब मामले में करीब 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 7 शराब दुकानों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जयवर्धन सिंह बोले- अवैध शराब बेचने वालों पर हत्या का मुकदमा हो
राघौगढ़ से कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सागर शराब कांड को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार करने वालों का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है और सरकार को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।जयवर्धन सिंह ने मांग की कि जहरीली शराब बेचने और लोगों की जान जोखिम में डालने वाले आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
MP News: सागर में जहरीली शराब का तांडव! 15 लोगों की मौत के बाद CM मोहन सख्त, कई दुकानें सील
जीतू पटवारी ने कहा- नशा माफिया बेखौफ
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सागर शराब कांड के बीच ग्वालियर पहुंचे। यहां उन्होंने घटना को लेकर मोहन सरकार पर हमला बोला। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नशा माफिया बेखौफ होकर काम कर रहा है और इसकी कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पटवारी ने सवाल उठाया कि इतनी मौतों के बाद भी यदि सरकार नहीं जागती है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
उमंग सिंघार ने आबकारी विभाग पर उठाए सवाल
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सागर शराब कांड को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।उमंग सिंघार ने सवाल किया कि मध्यप्रदेश में अवैध शराब कहां से आ रही है और क्या आबकारी विभाग को इसकी जानकारी नहीं है? उन्होंने कहा कि यदि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका या लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
15 मौतों के बाद प्रशासन ने तेज की कार्रवाई
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गए हैं। मामले से जुड़े करीब 12 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इसके अलावा अवैध शराब की बिक्री से जुड़े होने की आशंका में 7 शराब दुकानों को सील किया गया है।
पुलिस और प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जहरीली शराब कहां से आई, इसे किसने तैयार या सप्लाई किया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
शराब कांड ने खड़े किए कई गंभीर सवाल
सागर की घटना ने मध्यप्रदेश में अवैध शराब के कारोबार और नशा माफिया पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि यदि अवैध शराब का कारोबार लगातार जारी है तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।कांग्रेस नेताओं ने सरकार से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ-साथ उन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है, जिनके क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार चल रहा था।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
जहरीली शराब कांड के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष सरकार पर हमलावर है, वहीं प्रशासन की ओर से गिरफ्तारी और शराब दुकानों को सील करने जैसी कार्रवाई की जा रही है।
अब जांच के आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि जहरीली शराब की सप्लाई की पूरी श्रृंखला क्या थी और इस मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आती है। फिलहाल सागर शराब कांड को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।






