Ambikapur Ganesh Idol AI Design: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- गणेश उत्सव नजदीक आते ही छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के अलग-अलग मूर्ति कारखानों में भगवान गणेश की मिट्टी की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। इस बार खास बात यह है कि पारंपरिक मूर्तिकला के साथ AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल भी दिखाई दे रहा है।
भक्त अपनी पसंद के अनुसार गणपति की प्रतिमा का डिजाइन पहले AI की मदद से तैयार करा रहे हैं। इसके बाद उस डिजाइन को मूर्तिकारों को दिखाया जा रहा है। मूर्तिकार उसी पसंद और डिजाइन को ध्यान में रखकर मिट्टी से प्रतिमा का रूप तैयार कर रहे हैं।
अंबिकापुर में 5 हजार से ज्यादा गणेश प्रतिमाएं
जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष अंबिकापुर में करीब 5 हजार से अधिक मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। इनमें छोटी प्रतिमाओं से लेकर करीब 14 फीट तक ऊंची प्रतिमाएं शामिल हैं।मूर्ति कारखानों में इन दिनों दिन-रात काम चल रहा है। कहीं मिट्टी से गणपति की प्रतिमा को आकार दिया जा रहा है, तो कहीं मूर्तियों पर रंग चढ़ाने और सजावट का काम किया जा रहा है। गणेश उत्सव करीब आने के साथ काम की रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद है।
AI से तैयार हो रहा भक्तों की पसंद का डिजाइन
गणेश प्रतिमाओं को लेकर इस बार युवाओं की पसंद में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। खास तौर पर नई पीढ़ी और GEN Z अपने गणपति को थोड़ा अलग अंदाज में देखना चाहती है।कई युवा पहले AI की मदद से अपनी पसंद की गणेश प्रतिमा का डिजिटल डिजाइन या तस्वीर तैयार करा रहे हैं। इसके बाद वे उस तस्वीर को मूर्तिकार के पास ले जाकर उसी तरह की प्रतिमा तैयार करने की मांग कर रहे हैं।इससे मूर्तिकारों के सामने भी नए डिजाइन और चेहरे के अलग-अलग रूप तैयार करने की चुनौती आ रही है। हालांकि, पारंपरिक तकनीक और हाथ की कारीगरी अब भी प्रतिमा निर्माण का सबसे अहम हिस्सा बनी हुई है।
Read More: CG News: जगदलपुर में देर शाम बड़ा एक्शन, निर्माण स्थल से 8 नाबालिग बालिकाएं रेस्क्यू
क्यूट लुक वाले गणपति की बढ़ी मांग
इस बार युवाओं के बीच गणपति की प्रतिमाओं के खास लुक की मांग देखने को मिल रही है। बड़ी आंखें, आकर्षक चेहरा और क्यूट लुक वाले गणपति भक्तों को पसंद आ रहे हैं।इसके अलावा कुछ लोग पारंपरिक रूप से अलग डिजाइन भी पसंद कर रहे हैं। भक्त अपने घर या पंडाल की थीम के अनुसार प्रतिमा का आकार और रूप चुन रहे हैं। यही वजह है कि मूर्तिकारों के पास अलग-अलग डिजाइन के ऑर्डर पहुंच रहे हैं।
कोलकाता से आई युवा मूर्तिकार भी दे रहीं नया अंदाज
अंबिकापुर में इस बार कोलकाता से आई युवा मूर्तिकार सायन्तिका पॉल भी गणेश प्रतिमाओं को तैयार करने में जुटी हैं। वह अपने पिता के साथ मिलकर मूर्ति निर्माण का काम कर रही हैं।सायन्तिका पारंपरिक मूर्तिकला को बनाए रखते हुए युवाओं की बदलती पसंद और नए डिजाइन पर भी काम कर रही हैं। उनके कारखाने में गणेश प्रतिमाओं को मिट्टी से आकार देने के बाद रंग-रोगन और अंतिम सजावट का काम किया जा रहा है।
परंपरा और तकनीक का अनोखा मेल
अंबिकापुर में गणेश प्रतिमाओं का यह बदलता स्वरूप बताता है कि तकनीक अब पारंपरिक कला तक भी पहुंच रही है। AI भक्तों को अपनी कल्पना का डिजाइन तैयार करने में मदद कर रहा है, जबकि उसे वास्तविक प्रतिमा का रूप देने का काम आज भी मूर्तिकारों के हाथों से ही हो रहा है।इस तरह गणेश प्रतिमा निर्माण में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक कारीगरी एक साथ दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में गणेश उत्सव के लिए इन आधुनिक डिजाइन वाली प्रतिमाओं की मांग कितनी बढ़ती है, यह भी देखने वाली बात होगी।






