CG News: जगदलपुर में देर शाम बड़ा एक्शन, निर्माण स्थल से 8 नाबालिग बालिकाएं रेस्क्यू

Rahul Goshwami

Jagdalpur Child Labour Rescue: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार देर शाम शहर के सिटी ग्राउंड के सामने एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत पर औचक कार्रवाई की। यहां हाउसिंग बोर्ड की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्य में 8 नाबालिग बालिकाएं मजदूरी करती मिलीं।टीम ने सभी बालिकाओं को तत्काल निर्माण स्थल से मुक्त कराया। इसके बाद उन्हें वैधानिक प्रक्रिया के तहत चाइल्ड लाइन के समक्ष प्रस्तुत किया गया, ताकि उनके संरक्षण और पुनर्वास की आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

जानकारी के अनुसार, प्रशासन को मुखबिर के जरिए निर्माण स्थल पर नाबालिगों से काम कराए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर जिला पुलिस बल, श्रम विभाग और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टास्क फोर्स तैयार की गई।इसके बाद टीम ने शनिवार देर शाम निर्माण स्थल पर अचानक पहुंचकर जांच शुरू की। कार्रवाई का नेतृत्व मानव तस्करी निरोधक इकाई के जिला नोडल अधिकारी और उप पुलिस अधीक्षक के स्तर के अधिकारी ने किया।

जोखिम वाले काम में मिलीं 8 नाबालिग
जांच के दौरान टीम को निर्माण स्थल पर 8 नाबालिग बालिकाएं काम करते हुए मिलीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ये सभी बालिकाएं बस्तर जिले की रहने वाली बताई गई हैं।निर्माण स्थल पर चल रहा काम जोखिम भरा होने के कारण टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और सभी बालिकाओं को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें चाइल्ड लाइन के समक्ष पेश किया गया।
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ठेकेदार और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की तैयारी
जिला प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान स्पष्ट किया कि नाबालिगों से मजदूरी कराने के मामले में संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ बाल श्रम निषेध कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।हालांकि, कानूनी जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय होगी। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि बच्चों से श्रम कराने के मामलों में कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।

रेस्क्यू के बाद अब पुनर्वास पर जोर
बालिकाओं को केवल कार्यस्थल से हटाने के बाद कार्रवाई खत्म नहीं होगी। उन्हें चाइल्ड लाइन के सामने प्रस्तुत किए जाने के बाद उनकी सुरक्षा, परिवार से संपर्क और पुनर्वास से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।प्रशासन और संबंधित विभागों की यह कार्रवाई बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। इस मामले में अब यह भी जांच का विषय रहेगा कि नाबालिग बालिकाओं को निर्माण कार्य में किसके माध्यम से लगाया गया था और उनकी नियुक्ति की जिम्मेदारी किसकी थी।

बाल श्रम पर प्रशासन की सख्ती का संकेत
जगदलपुर में हुई यह कार्रवाई निर्माण स्थलों और अन्य कामकाजी जगहों पर नाबालिगों की मौजूदगी को लेकर प्रशासन की सतर्कता को भी सामने लाती है। खासकर जोखिम वाले कामों में बच्चों से मजदूरी कराए जाने के मामलों में विभागों के बीच समन्वय के साथ कार्रवाई की जा रही है।अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि जांच के बाद संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं और रेस्क्यू की गई 8 बालिकाओं के पुनर्वास के लिए प्रशासन क्या प्रक्रिया अपनाता है।

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