Kondagaon Crime: कोंडागांव। पुलिस विभाग में नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। फरसगांव और कोंडागांव पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने करीब 15 बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया और उनसे 25 से 30 लाख रुपये तक की ठगी की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शत्रुधन टंडन (48), निवासी मस्तूरी, हाल पता देवरी खुर्द, बिलासपुर और बुध सिंह मरकाम (42), निवासी भर्रीपारा, फरसगांव के रूप में हुई है। शत्रुधन को बिलासपुर के देवरी खुर्द-तोरवा इलाके से, जबकि बुध सिंह को फरसगांव से गिरफ्तार किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों से पहचान होने का देते थे झांसा
पुलिस के अनुसार, आरोपी बेरोजगार युवाओं को पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से अपनी पहचान होने की बात कहते थे। इसके बाद बस्तर फाइटर और जिला बल में आरक्षक के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उनसे एडवांस रकम लेते थे।
आरोपी युवाओं से आधार कार्ड, अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र समेत अन्य जरूरी दस्तावेज भी ले लेते थे। एडवांस रकम लेने के बाद बाकी पैसा नौकरी लगने के बाद देने की बात कही जाती थी। रकम और दस्तावेज लेने के बाद आरोपी फरार हो जाते थे।
चार मामलों में लाखों की ठगी का आरोप
पुलिस जांच में अब तक फरसगांव और कोंडागांव थाने में चार मामले सामने आए हैं। फरसगांव के पतोडा निवासी यशवंत नेताम की शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने उससे और उसके साथियों से 14 लाख रुपये लिए थे। इस मामले में अपराध क्रमांक 49/2024 के तहत धारा 420, 34 भादवि में मामला दर्ज है।
इसके अलावा आलोर निवासी पंचू राम कोर्राम और उसके साथी से 3 लाख रुपये, खेतरपाल निवासी जगदीश मंडावी और एक अन्य व्यक्ति से 5 लाख रुपये तथा गहिरबहार बानगांव निवासी सूरज लाल नेताम से 3 लाख रुपये लेने की शिकायत सामने आई है। इन मामलों में फरसगांव थाना और कोतवाली कोंडागांव में अपराध दर्ज हैं।
तीन महीने तक बैंक खातों और मोबाइल की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस करीब तीन महीने तक आरोपियों की तलाश में जुटी रही। इस दौरान पीड़ितों के बैंक खातों से आरोपियों के खातों में हुए लेनदेन की जांच की गई। बैंक से मिले इनपुट के आधार पर आरोपियों के ठिकानों की जानकारी जुटाई गई।
पुलिस ने मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन ट्रेसिंग भी की। इसके आधार पर अलग-अलग जिलों और राज्यों में पुलिस टीमों ने दबिश दी।
बिलासपुर से मुख्य आरोपी, फरसगांव से साथी गिरफ्तार
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने शत्रुधन टंडन को देवरी खुर्द-तोरवा, बिलासपुर से गिरफ्तार किया। वहीं उसके साथी बुध सिंह मरकाम को फरसगांव के भर्रीपारा से पकड़ा गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, पीड़ितों के दस्तावेजों की फाइलें, डायरी और रजिस्टर बरामद किए हैं। अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य लोगों और ठगी के दूसरे मामलों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
साइबर सेल ने भी की मदद
पुलिस की इस कार्रवाई में जिला साइबर सेल की टीम की भी अहम भूमिका रही। कार्रवाई एसपी पंकज चन्द्रा (IPS) के निर्देशन, एएसपी कपिल चन्द्रा के मार्गदर्शन और एसडीओपी फरसगांव अभिनव उपाध्याय व एसडीओपी कोंडागांव रुपेश कुमार के नेतृत्व में की गई।
Kondagaon Crime: फरसगांव थाना प्रभारी निरीक्षक चन्द्रशेखर श्रीवास, उप निरीक्षक शशिभूषण पटेल सहित पुलिसकर्मियों और साइबर सेल की टीम ने आरोपियों की पतासाजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं कोतवाली कोंडागांव थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय और विवेचना टीम का भी कार्रवाई में योगदान रहा।






