Rewa News: प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में, कल्पना मिश्रा मौत मामले की जांच के आदेश; 30 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

Anuj Nirala

[nishaanebaz.com] Rewa News: रीवा। गांधी स्मारक चिकित्सालय, रीवा के स्त्रीरोग विभाग में 26 अगस्त को हुई प्रसूता कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में अब प्रशासन ने जांच के आदेश जारी किए हैं। लगातार प्रदर्शन और परिजनों की ओर से जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग के बीच रीवा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने मामले की जांच एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल को सौंपी है। जांच अधिकारी को पूरे घटनाक्रम की तथ्यात्मक जांच कर 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट और स्पष्ट अभिमत प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, कल्पना मिश्रा के परिजन लगातार धरने पर बैठे हैं। परिवार की मांग है कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। इससे पहले उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी धरना स्थल पहुंचकर परिजनों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी थी।

कलेक्टर ने कई बिंदुओं पर जांच के दिए निर्देश

प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कल्पना मिश्रा को अस्पताल में कब और किन परिस्थितियों में भर्ती कराया गया था। भर्ती के बाद चिकित्सकों की ओर से किए गए परीक्षण, दी गई सलाह और उपचार की पूरी प्रक्रिया की भी जांच की जाएगी।इसके अलावा अस्पताल से छुट्टी के बाद कल्पना मिश्रा की स्वास्थ्य स्थिति कैसी रही और इस दौरान उनका उपचार किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जानकारी भी जुटाई जाएगी। मामले में नवजात शिशु की मौत से जुड़े घटनाक्रम को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

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डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच अधिकारी अस्पताल में इलाज से जुड़े पूरे घटनाक्रम और परिस्थितियों की पड़ताल करेंगे। इसमें संबंधित डॉक्टरों के साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की भूमिका भी देखी जाएगी।इसके अलावा स्त्रीरोग विभागाध्यक्ष, अस्पताल अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज के डीन और अन्य संबंधित कर्मचारियों की भूमिका अथवा संभावित लापरवाही की भी जांच की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाना है, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके।

अवैध लाभ मांगने के आरोपों की भी होगी जांच

जांच के दायरे में परिजनों की ओर से लगाए गए उन आरोपों को भी शामिल किया गया है, जिनमें किसी व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर अवैध लाभ की मांग या अपेक्षा किए जाने की बात कही गई है।जांच अधिकारी संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर इन आरोपों की भी पड़ताल करेंगे। इससे मामले में सामने आए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

राज्य स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट भी होगी शामिल

कलेक्टर के आदेश में घटना की तकनीकी जांच से संबंधित राज्य स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट को भी विचार में लेने के निर्देश दिए गए हैं। यानी प्रशासनिक जांच के दौरान पहले से उपलब्ध तकनीकी रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जाएगा।जांच अधिकारी को सभी संबंधित दस्तावेजों, मेडिकल रिकॉर्ड और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट सौंपनी होगी।

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परिजनों की FIR की मांग, अब जांच रिपोर्ट पर नजर

कल्पना मिश्रा के परिजन मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की मांग को लेकर लगातार धरने पर हैं। परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही के कारण कल्पना और उनके नवजात बच्चे की जान गई।

हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। अब प्रशासन द्वारा शुरू की गई जांच से यह सामने आने की उम्मीद है कि उपचार के दौरान किसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही, प्रशासनिक चूक या अन्य अनियमितता हुई थी या नहीं।30 दिनों में आने वाली जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले में अहम होगी, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की प्रशासनिक या वैधानिक कार्रवाई की दिशा तय हो सकती है।

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