रायपुर। Nishaanebaz.com-CM Vishnu Deo Sai Statement On Separate Bastar Demand: दिल्ली के दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे के बाद राजधानी रायपुर लौटे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पृथक बस्तर राज्य की मांग को लेकर बड़ा और कड़ा बयान दिया है। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम साय ने अलग बस्तर राज्य की मांग करने वाले तत्वों को ‘विकास विरोधी’ करार दिया और कहा कि ऐसी बातें करने वाले लोग वास्तव में छत्तीसगढ़ की जनता के हितों के खिलाफ हैं। जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुंचे मुख्यमंत्री का स्थानीय नेताओं और आम जनता ने बाजे-गाजे, ढोल-नगाड़ों और पुष्पगुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत किया।
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बस्तर को अलग राज्य बनाने की उठ रही मांगों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के प्रभावी समन्वय के कारण ही बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे का असंभव कार्य आज संभव हो पा रहा है।
सीएम साय ने कहा कि दशकों तक नक्सली बस्तर में सड़क, बिजली, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण नहीं होने देना चाहते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मजबूत इच्छाशक्ति और सुरक्षाबलों के अदम्य साहस के बल पर आज बस्तर में नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है। ऐसे समय में अलग राज्य की बात करना बस्तर के विकास में बाधा डालने का प्रयास है।
दिल्ली प्रवास के दौरान जल शक्ति मंत्रालय की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की अभूतपूर्व उपलब्धियों का ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ में पूरे देश के अंदर छत्तीसगढ़ राज्य ने पहला स्थान हासिल किया है।
सीएम साय ने गर्व जताते हुए कहा कि जल संरक्षण और सरोवरों के पुनरुद्धार के मामले में देश के शीर्ष 10 जिलों की सूची में अकेले छत्तीसगढ़ के 5 जिलों ने अपनी जगह बनाई है। सरकार का मुख्य ध्येय बारिश की हर एक बूंद को सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बैठक में दिए गए सुझावों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को अपनी भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार ‘कैच द रेन प्लान’ तैयार करना चाहिए। साथ ही, तकनीक, नियमित मॉनिटरिंग और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार को ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ की शुरुआत करनी चाहिए।






