Krishna Janmashtami: रायपुर। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। शहर के प्रमुख मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। सुबह से ही मंदिरों में पूजा, अभिषेक, भजन-कीर्तन और झांकियों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच रही है।
जैतुसाव मठ में 11 क्विंटल मालपुए का भोग
पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतुसाव मठ में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। शाम 4 बजे भजन संध्या होगी और रात 12 बजे मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्रीकृष्ण की आरती की जाएगी। इस अवसर पर ठाकुरजी का स्वर्ण श्रृंगार किया जाएगा।
भगवान को 11 क्विंटल मालपुआ और 1 क्विंटल पंजीरी का भोग लगाया जाएगा। 5 सितंबर की शाम 5 बजे से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।
दूधाधारी मठ में 7 सितंबर तक चलेगा उत्सव
दूधाधारी मठ और उससे जुड़े मठ-मंदिरों में जन्माष्टमी का उत्सव 7 सितंबर तक चलेगा। सुबह से भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की आरती होगी। 7 सितंबर को एकादशी के दिन रात 12 बजे आयोजन का समापन होगा।
राधाकृष्ण मंदिर में 101 लीटर दूध से अभिषेक
समता कॉलोनी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में सुबह भगवान श्रीकृष्ण का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। मंदिर और भगवान की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कोलकाता के कारीगरों ने किया है।
सुबह 9 बजे से श्रद्धालुओं के लिए झांकी के दर्शन शुरू हो गए। रात 8 बजे से भजन और अन्य भक्तिमय कार्यक्रम होंगे। मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद महाआरती की जाएगी।
कोतवाली थाने में कारागार का दृश्य होगा खास
रायपुर के सिटी कोतवाली थाने में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यहां कलाकार वासुदेव, देवकी और सैनिकों की वेशभूषा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का मंचन करेंगे।
रात 12 बजे भगवान के जन्म के समय थाने की लाइट कुछ देर के लिए बंद की जाएगी। इसके बाद वासुदेव के श्रीकृष्ण को टोकरी में लेकर कारागार से बाहर निकलने का दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। भगवान को जयकारों के साथ सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर ले जाया जाएगा।
156 साल पुराने बांके बिहारी मंदिर में दुग्धाभिषेक
पेठा लाइन नयापारा स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में सुबह 8 से 10 बजे तक भगवान का दुग्धाभिषेक किया गया। सुबह 11:30 बजे श्रृंगार दर्शन होंगे। दोपहर और शाम को भजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
रात 12:01 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद आरती होगी। इस मंदिर की स्थापना करीब 156 वर्ष पहले हुई थी।
इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय महोत्सव
टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी महा-महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में भक्ति नृत्य और विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ कृष्ण बाललीला, भजन-कीर्तन, पुष्पांजलि और कथक की प्रस्तुति होगी।
रात 9 बजे महाभिषेक किया जाएगा। मध्यरात्रि में भगवान को छप्पन भोग लगाया जाएगा और रात 12:15 बजे महाआरती होगी।
गिरिराज मंदिर में चार धाम की सामग्री से पूजा
बूढ़ापारा स्थित गिरिराज मंदिर में बद्रीनाथ, जगन्नाथपुरी, रामेश्वर और द्वारका धाम से लाई गई सामग्री से भगवान की पूजा की जाएगी। मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियां करीब एक महीने पहले से शुरू कर दी गई थीं।
गोपाल मंदिर में कल मनाया जाएगा नंद महोत्सव
सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर में 4 सितंबर की रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद पूजा-अर्चना और आरती होगी। 5 सितंबर को नंद महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भगवान को पालने में झुलाया जाएगा और श्रद्धालु भजन-कीर्तन के साथ जन्मोत्सव की खुशियां मनाएंगे।
रायगढ़ में दो दिन दिखेंगी कृष्ण जन्मोत्सव की झांकियां
Krishna Janmashtami: रायगढ़ के श्याम मंदिर और गौरी शंकर मंदिर में रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। मंदिरों में सुबह से आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं, जिन्हें दो दिनों तक श्रद्धालु देख सकेंगे। झांकियों के दर्शन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। 5 सितंबर को कई स्थानों पर भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।






