[nishaanebaz.com] MP News: भोपाल। मध्यप्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पहली बार आयोजित होने जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ा दी गई है। अब शिक्षक 18 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वहीं आवेदन में किसी तरह की गलती होने पर 20 सितंबर तक संशोधन किया जा सकेगा।
परीक्षा को लेकर ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन विकल्प देने पर भी सहमति बनी है। कम संख्या में आवेदन आने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग और कर्मचारी चयन मंडल के बीच हुई चर्चा के बाद आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
12 हजार आवेदन आने के बाद बढ़ाई गई तारीख
जानकारी के अनुसार, 3 सितंबर की रात 12 बजे तक शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए 12 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। वहीं इस परीक्षा के दायरे में करीब डेढ़ लाख शिक्षक आने का अनुमान लगाया जा रहा है।आवेदनों की संख्या अपेक्षा से कम रहने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग और कर्मचारी चयन मंडल के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हुई। इसके बाद शिक्षकों को आवेदन के लिए अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया गया। पहले आवेदन की अंतिम तारीख 4 सितंबर निर्धारित की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पहली बार परीक्षा
यह शिक्षक पात्रता परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 के आदेश के बाद आयोजित की जा रही है। कोर्ट के आदेश के अनुसार वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को नौकरी में बने रहने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी होगा।सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से परीक्षा कराने की प्रक्रिया शुरू की। परीक्षा को लेकर प्रदेश के बड़ी संख्या में शिक्षक इसके दायरे में आ रहे हैं।अब आवेदन की तारीख बढ़ाए जाने से उन शिक्षकों को भी फॉर्म भरने का मौका मिलेगा, जो किसी कारण से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाए थे।
ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन परीक्षा का भी विकल्प
शिक्षक संगठनों की ओर से परीक्षा को लेकर ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प देने की मांग की गई थी। संगठनों का कहना था कि प्रदेश के कई शिक्षक कंप्यूटर पर ऑनलाइन परीक्षा देने में सहज नहीं हैं।
शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह से मुलाकात कर अपनी मांग रखी थी। इसके बाद विभाग और कर्मचारी चयन मंडल के बीच हुई चर्चा में ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है।इस फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली में परेशानी का सामना करना पड़ सकता था।
एक हजार रुपये परीक्षा शुल्क पर शिक्षकों की नाराजगी
शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए निर्धारित 1 हजार रुपये परीक्षा शुल्क को लेकर भी शिक्षकों में नाराजगी है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार द्वारा कराई जा रही है, इसलिए इसका आर्थिक भार शिक्षकों पर नहीं डाला जाना चाहिए।शिक्षकों की मांग है कि परीक्षा शुल्क में राहत दी जाए या सरकार स्वयं परीक्षा का खर्च वहन करे। हालांकि, शुल्क को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है।
परीक्षा के दायरे में आने वाले शिक्षकों की सूची की मांग
कई शिक्षक आवेदन करने से पहले यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि आखिर शिक्षक पात्रता परीक्षा के दायरे में कौन-कौन से शिक्षक आएंगे। इसे लेकर शिक्षक संगठनों और शिक्षकों की ओर से विभाग से संबंधित शिक्षकों की सूची जारी करने की मांग की गई है।शिक्षकों का कहना है कि सूची स्पष्ट होने से उन्हें यह पता चल सकेगा कि परीक्षा उनके लिए अनिवार्य है या नहीं और उसी आधार पर वे आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
विभाग की ओर से कहा गया है कि परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत आयोजित की जा रही है, इसलिए इसके लिए अलग से आदेश जारी करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, संबंधित शिक्षकों की सूची जारी करने को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।
18 सितंबर तक आवेदन, 20 सितंबर तक संशोधन
आवेदन की तारीख बढ़ने के बाद अब शिक्षकों के पास फॉर्म भरने के लिए अतिरिक्त समय है। शिक्षक 18 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे, जबकि आवेदन में सुधार या संशोधन के लिए 20 सितंबर तक का समय निर्धारित किया गया है।
अब शिक्षकों की नजर परीक्षा की आगे की प्रक्रिया और विस्तृत कार्यक्रम पर है। साथ ही परीक्षा शुल्क में राहत और पात्र शिक्षकों की सूची को लेकर भी विभाग के अगले निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।





