[nishaanebaz.com] MP News: भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में खुद को ट्रेनी IAS अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार तृप्ति सिंह के मामले में पुलिस जांच के दौरान लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, तृप्ति ने सरकारी नौकरी लगवाने, सरकारी काम दिलाने और होटल-रिसॉर्ट लीज पर दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की रकम ली। चंदेरी और भोपाल में उसके खिलाफ करीब 90 लाख रुपये की ठगी से जुड़े मामले सामने आए हैं।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब तृप्ति सिंह से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में तृप्ति के साथ दो युवतियां दिखाई दे रही थीं, जो खुद को IAS अधिकारी बता रही थीं। हालांकि पुलिस पूछताछ में दोनों युवतियों ने खुद को तृप्ति की ठगी का शिकार बताया है।
‘IAS बनने से पहले अफसर जैसा एटीट्यूड रखो’
पुलिस जांच में सामने आया है कि तृप्ति कथित तौर पर दोनों युवतियों को एक स्क्रिप्ट देती थी। उन्हें बताया जाता था कि IAS अधिकारी बनने से पहले अफसर जैसा एटीट्यूड और व्यवहार रखना जरूरी है।
इसके बाद तृप्ति दोनों युवतियों को अलग-अलग कार्यक्रमों और सार्वजनिक स्थानों पर लेकर जाती थी। वहां वीडियो बनाए जाते थे और इन वीडियो में उन्हें IAS अधिकारी के तौर पर प्रस्तुत किया जाता था।पुलिस के मुताबिक, इसी तरह तैयार किए गए वीडियो और फर्जी पहचान का इस्तेमाल लोगों पर प्रभाव जमाने और सरकारी नौकरी या काम दिलाने का भरोसा पैदा करने के लिए किया जाता था।
मानव संग्रहालय का वीडियो विधानसभा का बताया गया
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को शुरुआती तौर पर विधानसभा भवन के अंदर का बताया जा रहा था। हालांकि जांच के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि वीडियो भोपाल के मानव संग्रहालय की संकुल वीथी का है।वीडियो में दिखाई देने वाली युवतियों की पहचान ख्याति और विशाखा के रूप में बताई गई है। दोनों ने पुलिस को बताया कि तृप्ति ने उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने और IAS अधिकारी बनवाने का भरोसा दिया था।
आरोप है कि इसी भरोसे के आधार पर तृप्ति ने दोनों युवतियों से तीन-तीन लाख रुपये लिए। काफी समय बीतने के बाद जब नौकरी नहीं लगी तो दोनों ने तृप्ति से रकम और नौकरी को लेकर सवाल किए। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
चंदेरी में सरकारी नौकरी के नाम पर 9.80 लाख लेने का आरोप
पुलिस के अनुसार तृप्ति सिंह के खिलाफ चंदेरी में भी ठगी का मामला दर्ज है। आरोप है कि 7 अप्रैल 2025 को तृप्ति सिंह, उसका भाई सुधांशु सिंह और उनके कुछ साथी चंदेरी की किला कोठी पहुंचे थे।आरोप है कि यहां तृप्ति ने खुद को MPSTDC में एडिशनल डायरेक्टर बताया और कुछ लोगों को सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। इसके बदले जयकुमार कोली, विजय कुमार दुबे, ऋतिक शर्मा और राघव सोनी से कथित तौर पर 9 लाख 80 हजार रुपये नकद लिए गए।
आरोप के मुताबिक, इसके अलावा 2 लाख रुपये बाद में देने की बात कही गई थी। मामले की जांच में पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी पद और पहचान का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
होटल लीज और नौकरी के नाम पर भी ठगी का आरोप
तृप्ति सिंह के खिलाफ भोपाल के बागसेवनिया थाने में भी ठगी से जुड़ी FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। एक मामले में होटल लीज पर दिलाने के नाम पर करीब 50 लाख रुपये ठगने का आरोप है।इसके अलावा बालाघाट के खैरलांजी तहसील क्षेत्र के चिचोली निवासी रोहित लिल्हारे से होटल-रिसॉर्ट लीज पर दिलाने और नौकरी लगवाने के नाम पर रकम लेने का आरोप भी सामने आया है।पुलिस के अनुसार, इस मामले में तृप्ति और उसके कथित साथियों ने 35.30 लाख रुपये लिए थे। इसके अलावा नौकरी लगवाने के नाम पर 3.87 लाख रुपये अलग से लेने का आरोप है।
भाई सुधांशु राजपूत भी हिरासत में
पुलिस ने मामले में तृप्ति सिंह के साथ उसके भाई सुधांशु राजपूत को भी हिरासत में लिया है। उसे भोपाल लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि ठगी के पूरे नेटवर्क और फर्जी पहचान से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जरूरी है।दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों की होगी जांच
पुलिस रिमांड के दौरान जांच एजेंसी तृप्ति सिंह से कथित फर्जी दस्तावेज, बैंक खातों और ठगी से हासिल रकम के संबंध में पूछताछ करेगी।इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी IAS पहचान तैयार करने में किन लोगों ने मदद की और इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि अलग-अलग लोगों को सरकारी नौकरी, सरकारी काम और होटल-रिसॉर्ट लीज जैसे काम दिलाने का भरोसा देकर कथित तौर पर कितनी रकम जुटाई गई।
वीडियो वायरल होने के बाद खुला फर्जीवाड़ा
तृप्ति सिंह से जुड़े वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। वीडियो में खुद को IAS अधिकारी बताने वाली युवतियों के सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की।
पूछताछ में युवतियों ने दावा किया कि उन्हें भी तृप्ति ने नौकरी और IAS अधिकारी बनवाने का भरोसा देकर अपने साथ जोड़ा था। पुलिस अब वीडियो, दस्तावेज, बैंक लेनदेन और शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है।फिलहाल तृप्ति सिंह और उसके भाई से पूछताछ जारी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही कथित ठगी की पूरी रकम, नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और फर्जी पहचान से जुड़े पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।





