Tuesday, September 1, 2026
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एस्सेल ग्रुप के सुभाष चंद्रा को बड़ी राहत या नई मुश्किल? NCLT ने पुराने आदेश पर लगाई रोक

Subhash Chandra Insolvency Case: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क-  एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा से जुड़े दिवालियापन मामले में मंगलवार को बड़ा मोड़ आया है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी NCLT ने अपने 25 अगस्त के आदेश पर रोक लगा दी है।ताजा आदेश में ट्रिब्यूनल ने यह भी निर्देश दिया है कि गारंटर के तौर पर सुभाष चंद्रा अपनी संपत्तियों को सीधे या किसी दूसरे माध्यम से ट्रांसफर या बेच नहीं सकते। अब मामले की सुनवाई NCLT की पांच सदस्यीय विशेष बेंच करेगी।

सुभाष चंद्रा दिवालियापन मामला उस समय नया मोड़ ले गया, जब सुनवाई कर रही तीन सदस्यीय बेंच के आदेशों में अंतर सामने आया।मंगलवार को मामले की सुनवाई शुरू करने वाली पांच सदस्यीय विशेष बेंच ने पाया कि पहले दिए गए आदेशों में एकराय नहीं थी। किसी एक स्पष्ट बहुमत वाली राय को लागू करने की स्थिति भी नहीं बनी थी।इसके बाद मामले को पांच सदस्यों वाली विशेष बेंच के सामने रखने का फैसला किया गया।

सभी पक्षों को जारी किया गया नोटिस
सुभाष चंद्रा NCLT केस में ट्रिब्यूनल ने मामले से जुड़े सभी पक्षों को नोटिस भी जारी किए हैं।अब विशेष बेंच पहले दिए गए अलग-अलग आदेशों और उसमें सामने आई राय पर विचार करेगी। इसके बाद दिवालियापन की कार्यवाही को आगे किस तरह बढ़ाया जाए, इस पर फैसला लिया जा सकता है।इस प्रक्रिया पर कॉरपोरेट और कानूनी क्षेत्र की भी नजर बनी हुई है।

6.25 करोड़ के भुगतान को लेकर उठा था सवाल
NCLT में सुभाष चंद्रा का मामला कुछ दिन पहले दिए गए आदेश के बाद चर्चा में आया था। उस आदेश में लगभग 6.25 करोड़ रुपये का भुगतान करके दिवालियापन की कार्यवाही को निपटाने का रास्ता साफ हुआ था।वहीं, सुभाष चंद्रा के खिलाफ 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के दावे का जिक्र किया गया था।इसी वजह से यह सवाल भी उठा कि इतने बड़े दावे के मुकाबले इतनी कम राशि के भुगतान से मामला कैसे निपटाया जा सकता है।
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संपत्ति बेचने या ट्रांसफर करने पर रोक
सुभाष चंद्रा insolvency case में ताजा निर्देश का एक अहम हिस्सा उनकी संपत्तियों से जुड़ा है।NCLT ने कहा है कि मामले की सुनवाई जारी रहने तक गारंटर अपनी संपत्तियों को सीधे या परोक्ष रूप से किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर या बेच नहीं सकता।इस निर्देश का उद्देश्य मामले की सुनवाई पूरी होने तक संबंधित संपत्तियों की स्थिति को बनाए रखना है।

अब पांच सदस्यीय बेंच करेगी नए सिरे से विचार
सुभाष चंद्रा दिवालियापन केस अपडेट के तहत अब पांच सदस्यीय विशेष बेंच पहले के आदेशों में मौजूद अलग-अलग राय पर विचार करेगी।बेंच यह देखेगी कि मामले में आगे की दिवालियापन प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ाई जानी चाहिए। इसके बाद ही पुराने आदेश से जुड़े सवालों पर तस्वीर साफ हो सकेगी।फिलहाल 25 अगस्त के आदेश पर रोक लगने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई विशेष बेंच के फैसले पर निर्भर करेगी।

ZMCL के शेयरों पर भी नजर
एस्सेल ग्रुप दिवालियापन मामला सामने आने के बीच जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी ZMCL के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली।बीएसई के आंकड़ों के अनुसार कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर करीब एक फीसदी गिरावट के साथ 8.54 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा। दिन के दौरान शेयर 8.37 रुपये के निचले स्तर तक भी गया।इससे पहले सोमवार को शेयर 8.61 रुपये पर बंद हुआ था और मंगलवार को यह 8.70 रुपये पर खुला था।

अब किस फैसले पर टिकी नजर?
सुभाष चंद्रा दिवालियापन मामले में अब सबसे बड़ा सवाल पांच सदस्यीय बेंच के अगले फैसले को लेकर है। बेंच पहले के आदेशों और अलग-अलग राय पर विचार करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी।फिलहाल संपत्तियों के ट्रांसफर और बिक्री पर रोक जारी है। अब इस मामले में अगला बड़ा फैसला पांच सदस्यीय विशेष बेंच की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

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