नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-Gen Z Alcohol Consumption Trends Premiumization: अक्सर शादी-पार्टियों में शराब पीना कोई नई बात नहीं है, लेकिन आज की युवा पीढ़ी यानी Gen Z का शराब को लेकर नजरिया बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। नए आंकड़ों और ट्रेंड्स के मुताबिक, Gen Z शराब से दूरी बना रहे हैं या फिर इसका सेवन काफी सीमित कर रहे हैं। इसके पीछे फिटनेस, सेहत, बजट और लाइफस्टाइल को लेकर उनकी बढ़ती जागरूकता मुख्य वजह मानी जा रही है। आम तौर पर माना जाता है कि अगर उपभोक्ता किसी उत्पाद का इस्तेमाल कम कर दें तो संबंधित कंपनियों को घाटा होता है, लेकिन शराब उद्योग में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। युवाओं के शराब कम पीने के बावजूद शराब बनाने वाली कंपनियों के राजस्व और मुनाफे में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इस विरोधाभासी स्थिति के पीछे शराब बाजार में आया ‘प्रीमियमाइजेशन’ (Premiumization) का बड़ा बदलाव है।
आज के युवा सस्ती शराब की ज्यादा बोतलें खरीदने के बजाय कम मात्रा में लेकिन प्रीमियम और उच्च गुणवत्ता वाली शराब खरीदना पसंद कर रहे हैं। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, जब युवा शराब खरीदते हैं तो उनका फोकस अनोखे टेस्ट, बेहतर क्वालिटी और ब्रांड की खास पहचान पर होता है। युवाओं में अलग-अलग फ्लेवर वाली वोदका, क्राफ्ट बियर और प्रीमियम सिंगल माल्ट की मांग में तेजी आई है। शराब कंपनियां कम वॉल्यूम बेचने के बाद भी महंगे वेरिएंट्स के जरिए ज्यादा प्रॉफिट मार्जिन कमा रही हैं।
उपभोक्ताओं की इस बदलती मांग और पसंद का सीधा लाभ बाजार की प्रमुख शराब निर्माता कंपनियों को मिल रहा है।
वर्तमान में रैडिको खेतान (Radico Khaitan), यूनाइटेड स्पिरिट्स (United Spirits) और यूनाइटेड ब्रुअरीज (United Breweries) जैसी कंपनियों का कारोबारी प्रदर्शन काफी मजबूत बना हुआ है। शराब की कुल खपत की मात्रा में भले ही कमी आई हो, लेकिन प्रीमियम और फ्लेवर्ड सेगमेंट में बिक्री बढ़ने के कारण इन कंपनियों की overall कमाई में निरंतर सुधार दर्ज किया जा रहा है।





