Sukma News: 47 छात्राएं बीमार पड़ीं तो खुली पोटाकेबिन हॉस्टल की व्यवस्था की पोल, अधीक्षक हटाई गईं

Rahul Goshwami

Sukma Potacabin Student Sick Update: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क-  छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पोलमपल्ली पोटाकेबिन हॉस्टल में 47 छात्राओं की तबीयत खराब होने के बाद अधीक्षक पद्मलता मोरे को पद से हटा दिया गया है। छात्राओं को उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा था।प्रारंभिक तौर पर छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के पीछे भोजन या पानी की गुणवत्ता से जुड़ी समस्या की आशंका जताई गई थी। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर दी।

Sukma Potacabin Student Sick Update के मुताबिक पोलमपल्ली पोटाकेबिन और RMSS हॉस्टल की कुछ छात्राओं की अचानक तबीयत खराब हुई थी। उन्हें उल्टी और दस्त की परेशानी हुई, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की मदद से इलाज कराया गया।घटना के बाद हॉस्टल में भोजन, पीने के पानी, साफ-सफाई और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

कलेक्टर खुद पहुंचे हॉस्टल
सुकमा पोटाकेबिन छात्राएं बीमार मामले में प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। कलेक्टर ने 29 अगस्त को पोलमपल्ली स्थित संस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान हॉस्टल के संचालन और व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आने की बात कही गई है।कलेक्टर के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 28 और 29 अगस्त को स्वास्थ्य शिविर लगाया। इस दौरान बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई और उनकी स्थिति पर नजर रखी गई।
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तीन अधिकारियों की टीम करेगी पूरे मामले की जांच
Sukma Potacabin Student Sick Update में प्रशासन ने जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। यह टीम हॉस्टल की व्यवस्थाओं, बच्चों को दिए जा रहे भोजन, पानी और साफ-सफाई समेत दूसरे पहलुओं की जांच करेगी।इसके अलावा कोंटा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी से भी हॉस्टल के निरीक्षण को लेकर जवाब मांगा गया है। प्रशासन अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकता है।

sukma newsपानी की व्यवस्था में किए गए बड़े बदलाव
सुकमा पोटाकेबिन छात्राएं बीमार होने के बाद प्रशासन ने पानी को लेकर भी कई कदम उठाए हैं। पोटाकेबिन में दो नए वाटर फिल्टर लगाए गए हैं। अब बच्चों को पानी उबालकर ठंडा करने के बाद देने की व्यवस्था की जा रही है।इसके साथ ही पूरे परिसर में सफाई और सैनिटाइजेशन कराया गया है। नालियों और शौचालयों में भी ब्लीचिंग पाउडर डाला गया है, ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके।

खाने और पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे
Sukma Potacabin Student Sick Update के तहत पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए PHE विभाग ने सैंपल लिए हैं। वहीं खाद्य विभाग ने बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के नमूने भी जांच के लिए भेजे हैं।हॉस्टल में हाथ धोने और बर्तन साफ करने के लिए अलग-अलग स्थान तय किए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि बच्चों को साफ पानी और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

कन्या आश्रम की अधीक्षक पर भी कार्रवाई
सुकमा पोटाकेबिन छात्राएं बीमार मामले के बीच जिले के एक अन्य सरकारी संस्थान में भी प्रशासन ने कार्रवाई की है। गंजेनार शासकीय कन्या आश्रम भवन की मरम्मत पूरी नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।इस मामले में अधीक्षक जसवती मांझी को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह सहायक शिक्षक आशाकली को जिम्मेदारी दी गई है। जसवती मांझी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है।

जिले के सभी हॉस्टल और पोटाकेबिन की होगी जांच
Sukma Potacabin Student Sick Update के बाद जिला प्रशासन ने अब सभी पोटाकेबिन और छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। अधिकारियों को इन संस्थानों का निरीक्षण कर पानी, भोजन, सफाई और बच्चों को मिल रही सुविधाओं की स्थिति देखने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अब जांच रिपोर्ट से यह साफ होने की उम्मीद है कि पोलमपल्ली में छात्राओं के बीमार पड़ने की असली वजह क्या थी और जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।

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