[nishaanebaz.com] Indore Cyber Fraud: इंदौर। शहर में ऑनलाइन दोस्ती के बाद साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आजाद नगर क्षेत्र में रहने वाले एक डॉक्टर से फेसबुक पर दोस्ती करने के बाद कथित तौर पर 6 लाख 11 हजार रुपये की ठगी की गई। आरोपी महिला ने खुद को सीरिया में रहने वाली डॉक्टर बताया और युद्ध के हालात का हवाला देकर भारत आने की कहानी सुनाई। इसके बाद कस्टम और आरबीआई अधिकारी बनकर डॉक्टर से संपर्क किया गया और दिल्ली में मेडिकल उपकरण जब्त होने की बात कहकर अलग-अलग किस्तों में रकम ट्रांसफर करा ली गई।
रकम ट्रांसफर करने के बाद जब डॉक्टर को न तो सामान मिला और न ही पैसे वापस किए गए, तब उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक पर हुई महिला से दोस्ती
जानकारी के मुताबिक, आजाद नगर थाना क्षेत्र निवासी डॉक्टर अयाज अहमद कुरैशी की फेसबुक के जरिए आयशा खान नाम की महिला से दोस्ती हुई थी। महिला ने खुद को सीरिया में रहने वाली डॉक्टर बताया। दोनों के बीच फेसबुक और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लगातार बातचीत होने लगी।कुछ समय बाद महिला ने डॉक्टर को बताया कि सीरिया में युद्ध जैसे हालात हैं और वह भारत आने की तैयारी कर रही है। बातचीत के दौरान उसने डॉक्टर का भरोसा हासिल कर लिया।
दिल्ली पहुंचने और सामान जब्त होने की बताई कहानी
महिला ने बाद में डॉक्टर से कथित तौर पर कहा कि वह दिल्ली पहुंच चुकी है, लेकिन उसके साथ लाए गए मेडिकल इक्विपमेंट और अन्य सामान को कस्टम विभाग ने जब्त कर लिया है।इसके बाद डॉक्टर से कथित कस्टम अधिकारी और आरबीआई अधिकारी बनकर संपर्क किया गया। उन्हें बताया गया कि जब्त सामान को छुड़ाने के लिए अलग-अलग शुल्क और अन्य रकम जमा करनी होगी।
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— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) August 29, 2026
अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए 6.11 लाख रुपये
महिला और कथित अधिकारियों की बातों पर भरोसा करते हुए डॉक्टर ने अलग-अलग समय पर विभिन्न बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। इस तरह डॉक्टर से कुल 6 लाख 11 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।इसके बाद भी आरोपियों की ओर से लगातार और पैसों की मांग की जाने लगी। जब डॉक्टर को न तो मेडिकल सामान मिला और न ही रकम वापस की गई, तो उन्हें अपने साथ साइबर फ्रॉड होने का शक हुआ।
कभी आमने-सामने नहीं हुई मुलाकात
पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, डॉक्टर और महिला की कभी आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई थी। दोनों के बीच केवल सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से बातचीत हुई। डॉक्टर ने महिला की तस्वीर और उसके द्वारा बताई गई जानकारी के आधार पर उसे वास्तविक मान लिया था।यही ऑनलाइन पहचान बाद में साइबर ठगी का जरिया बन गई।
बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच करेगी पुलिस
मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंचने के बाद अधिकारियों ने डॉक्टर से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अब पुलिस एफआईआर दर्ज कर साइबर एंगल से मामले की जांच कर रही है।जांच के दौरान महिला और कथित अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जाएगी। जिन खातों में डॉक्टर ने रकम ट्रांसफर की है, उनकी भी जांच की जाएगी।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी के पीछे कौन लोग शामिल हैं और डॉक्टर से ठगी गई रकम आखिर किन-किन खातों तक पहुंची।
ऑनलाइन दोस्ती के नाम पर ठगी से रहें सावधान
यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने और उनकी बातों पर तुरंत भरोसा करने को लेकर सावधानी बरतने का संदेश देता है। साइबर ठग अक्सर भावनात्मक कहानी, विदेश में फंसे होने, कस्टम या सरकारी अधिकारी बनने जैसे तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही ठगी में शामिल आरोपियों और पूरे नेटवर्क की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





