रायपुर। Nishaanebaz.com-Raipur Crime News: राजधानी रायपुर की विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने एक नाबालिग लड़की को प्रेम जाल में फंसाकर शादी का झांसा देने और दुष्कर्म करने के मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अच्छेलाल काछी की अदालत ने आरोपी संजय कुमार चंद्राकर उर्फ बबलू को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसके अतिरिक्त, पीड़िता को हुई शारीरिक एवं मानसिक क्षति के लिए अदालत ने प्रतिकर योजना 2018 के तहत 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि देने की अनुशंसा की है।
यह पूरा मामला रायपुर शहर के माना कैंप थाना क्षेत्र से संबंधित है। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक डालेश्वर प्रसाद साहू ने की। अदालत के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार 25 वर्षीय आरोपी संजय कुमार चंद्राकर मूल रूप से महासमुंद जिले के बागबाहरा का निवासी है और माना क्षेत्र में किराए का मकान लेकर रहता था। इसी दौरान उसकी पहचान क्षेत्र की एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से हुई थी। आरोपी ने नाबालिग को अपने झांसे में लेकर बातचीत बढ़ाई और बाद में उसे शादी का प्रलोभन दिया।
मामले की विस्तृत जानकारी के मुताबिक, आरोपी 16 मई 2025 को पीड़िता को शादी का झांसा देकर अपने साथ बागबाहरा ले गया था। वहां उसने पीड़िता की मांग में सिंदूर भरकर यह दावा किया कि अब उनका विवाह संपन्न हो चुका है। इसके बाद आरोपी नाबालिग को अलग-अलग स्थानों पर रिश्तेदारों और परिचितों के घर ले जाता रहा। इस दौरान उसने शादी हो जाने का झूठा दिलासा देकर पीड़िता के साथ लगातार दुष्कर्म किया। पीड़िता के परिजनों द्वारा माना कैंप थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था।
माना कैंप थाना पुलिस ने मामले में गहन जांच करते हुए तकनीकी साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान एकत्र कर पॉक्सो कोर्ट में चालान पेश किया था। अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए ठोस साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए अदालत ने आरोपी संजय कुमार चंद्राकर को धारा 4, 6 पॉक्सो एक्ट एवं संबंधित कानूनी धाराओं के तहत दोषी पाया। अदालत ने कड़ा संदेश देते हुए आरोपी को 20 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई, ताकि समाज में इस प्रकार के गंभीर अपराधों पर रोक लग सके।





