MP TET News: शिक्षकों को मिली बड़ी छूट, TET से फिलहाल राहत; लेकिन आगे क्या होगा?

Rahul Goshwami

MP TET Controversy: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर चल रहे विवाद के बीच शिक्षकों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। राज्य में TET की अनिवार्यता को अस्थायी तौर पर वैकल्पिक कर दिया गया है। यह राहत सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक जारी रहने की बात सामने आई है।

मध्यप्रदेश TET विवाद के बीच लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से करीब तीन महीने पहले जारी आदेश में TET की अनिवार्यता में छूट दी गई थी। इसके तहत संबंधित शिक्षक अपनी इच्छा के अनुसार परीक्षा दे सकते हैं। यानी सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक उनके लिए TET अनिवार्य नहीं रखी गई है।

सरकार ने फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
मध्यप्रदेश TET विवाद को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। विभाग की मांग है कि पुराने शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से छूट दी जाए। सरकार का तर्क है कि इन शिक्षकों की नियुक्ति प्रदेश की अपनी चयन प्रक्रिया के तहत हुई थी।

पुरानी चयन प्रक्रिया को बनाया आधार
MP Teacher Eligibility Test Rule से जुड़े मामले में सरकार का कहना है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति पहले की चयन व्यवस्था से हुई थी, उन पर बाद में लागू होने वाली TET की शर्त को उसी तरह लागू करना उचित नहीं होगा। इसी आधार पर राज्य सरकार इन शिक्षकों को राहत दिलाने की कोशिश कर रही है।

70 हजार से ज्यादा शिक्षकों का मामला
MP Teachers TET Exemption का मामला हजारों शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2005 से 2009 के बीच व्यावसायिक परीक्षा मंडल की चयन परीक्षा के जरिए नियुक्त किए गए 70 हजार से ज्यादा शिक्षक वर्तमान में प्रदेश के स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले से तय होगी आगे की स्थिति
मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले का है। अगर फैसला राज्य सरकार के पक्ष में आता है तो संबंधित शिक्षकों को TET देने की जरूरत नहीं होगी। वहीं अदालत का फैसला अलग होने पर इन शिक्षकों की स्थिति में बदलाव हो सकता है।

अभी शिक्षकों के पास स्वैच्छिक विकल्प
MP TET Optional Rule के तहत फिलहाल शिक्षक अपनी इच्छा से TET दे सकते हैं। यानी परीक्षा देने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन इसे अनिवार्य नहीं रखा गया है। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक राहत के तौर पर जारी रहने की बात कही गई है।

लोक शिक्षण संचालनालय ने बताई सरकार की मांग
MP Education Department TET Case पर लोक शिक्षण संचालनालय के अभिषेक सिंह का बयान भी सामने आया है। उनका कहना है कि TET की अनिवार्यता से छूट के लिए सुप्रीम कोर्ट में दोबारा याचिका लगाई गई है। उनका तर्क है कि मध्यप्रदेश में इन शिक्षकों की अपनी चयन व्यवस्था रही है, इसलिए उन्हें TET की अनिवार्यता से छूट मिलनी चाहिए।

सरकार चाहती है पुराने शिक्षकों को राहत
Madhya Pradesh TET Exemption Demand के पीछे सरकार का मुख्य तर्क पुराने शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया है। सरकार का मानना है कि इन शिक्षकों ने राज्य की निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत नौकरी हासिल की थी। इसलिए उन्हें बाद में TET की अनिवार्यता से राहत मिलनी चाहिए।

70 हजार शिक्षकों की नजर अदालत पर
MP TET Supreme Court Case का सीधा असर प्रदेश के 70 हजार से अधिक शिक्षकों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि शिक्षक संगठनों और संबंधित कर्मचारियों की नजर अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बनी हुई है। फिलहाल उन्हें अंतरिम तौर पर राहत मिली हुई है।

फैसले तक जारी रहेगी राहत
MP TET Latest Update के अनुसार फिलहाल शिक्षकों को अनिवार्य TET से छूट मिली हुई है। हालांकि यह स्थायी फैसला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय आने के बाद ही यह साफ होगा कि इन शिक्षकों को भविष्य में TET देनी होगी या सरकार की मांग को मंजूरी मिल जाएगी।इस पूरे मामले में MP TET Controversy अब सुप्रीम कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी है। फिलहाल 70 हजार से ज्यादा शिक्षकों को राहत मिली हुई है और वे अपनी इच्छा से TET दे सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अदालत सरकार की TET से छूट की मांग को स्वीकार करती है या नहीं।

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