मामला करीब 2 हेक्टेयर जमीन से जुड़ा बताया जा रहा है। जमीन के मालिक रमेश लोधी हैं। उनके बेटे पर एक आदिवासी युवक की हत्या का आरोप लगा था और उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।रमेश का आरोप है कि इसी मामले में राहत दिलाने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये मांगे गए। आरोप के मुताबिक, इस पूरे मामले में कुठला थाने के तत्कालीन प्रभारी राजेंद्र मिश्रा की भूमिका भी बताई गई है। CSP नेहा पच्चीसिया केस की शुरुआत इसी आरोप के बाद विवाद में आई।
पैसों का इंतजाम करने के लिए जमीन बेचने का दबाव?
परिवार का आरोप है कि जब 15 लाख रुपये की रकम जुटाना मुश्किल बताया गया तो जमीन बेचकर पैसे का इंतजाम करने की बात कही गई।रमेश के पास करीब 2 हेक्टेयर जमीन थी। आरोप है कि इसी जमीन का एक हिस्सा बेचने के लिए उन पर दबाव बनाया गया। परिवार का कहना है कि बेटे को कानूनी परेशानी से बचाने की चिंता के बीच जमीन का सौदा करना पड़ा। CSP नेहा पच्चीसिया केस में यही आरोप अब जांच का अहम हिस्सा है।
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करोड़ों की जमीन और सिर्फ 18 लाख मिलने का दावा
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक जमीन की कीमत करीब 82 लाख रुपये बताई जा रही है। वहीं परिवार के अनुसार जमीन का सौदा करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपये में हुआ था।लेकिन रमेश का दावा है कि उन्हें पूरी रकम नहीं मिली। उनके अनुसार करीब 18 लाख रुपये ही दिए गए। इसमें लगभग 15 लाख रुपये चेक के जरिए और करीब 3 लाख रुपये नकद दिए जाने की बात कही गई है।यही अंतर पूरे मामले को और गंभीर बना रहा है। CSP नेहा पच्चीसिया केस में पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि जमीन का वास्तविक सौदा कितनी रकम में हुआ और भुगतान की पूरी प्रक्रिया क्या थी।
पुलिस को यहीं से हुआ शक
कटनी पुलिस के अनुसार जमीन की कीमत और वास्तविक भुगतान में अंतर ने कई सवाल खड़े किए। पुलिस का सवाल है कि कोई व्यक्ति अपनी जमीन कथित तौर पर इतनी कम रकम में क्यों बेचेगा?परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, इसके पीछे पुलिस कार्रवाई का दबाव था। हालांकि, इस बात की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। CSP नेहा पच्चीसिया केस में जमीन के दस्तावेज और पैसों के लेन-देन की जांच को अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लिया मामले का संज्ञान
मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद नेहा पच्चीसिया के खिलाफ FIR दर्ज की गई और मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT गठित की गई।उन पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों में कार्रवाई की गई है। CSP नेहा पच्चीसिया केस में अब जांच एजेंसी आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाल रही है।
कई पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई
मामले में सिर्फ नेहा पच्चीसिया पर ही कार्रवाई नहीं हुई है। राजनाथ नगर थाने के प्रभारी अरुण पाल सिंह, सब-इंस्पेक्टर सौरभ सोनी, CSP के रीडर नरेंद्र पांडे, गनमैन मटू और ड्राइवर केशव को भी निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।वहीं नेहा पच्चीसिया के खिलाफ अलग विभागीय जांच भी चल रही है। CSP नेहा पच्चीसिया केस में जांच आगे बढ़ने के साथ और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।
अब SIT की जांच पर टिकी नजर
फिलहाल नेहा पच्चीसिया के खिलाफ मामला दर्ज है और उनके खिलाफ जांच जारी है। जमीन की कीमत, कथित भुगतान, पुलिस अधिकारियों की भूमिका और परिवार पर दबाव जैसे कई सवालों के जवाब जांच में तलाशे जाएंगे।एक अधिकारी पर लगे आरोपों को अभी अंतिम सच नहीं माना जा सकता। CSP नेहा पच्चीसिया केस में अब SIT की रिपोर्ट अहम होगी, जिससे साफ हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और पूरे जमीन सौदे के पीछे असल कहानी क्या थी।