MP News: महू के पास गांव में अजीब नजारा, जिंदा शख्स बना ‘शव! निकली अनोखी ‘शव यात्रा’…

Rahul Goshwami

Indore Zinda Shav Yatra: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क– मध्य प्रदेश के महू के पास गवली पलासिया गांव में इन दिनों एक अनोखी घटना चर्चा में है। बारिश का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने एक ऐसी परंपरा निभाई, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। गांव में एक जिंदा व्यक्ति को अर्थी पर लिटाया गया और फिर उसकी प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली गई।ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह की परंपरा निभाने से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और गांव में अच्छी बारिश होती है। जिंदा शव यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और बारिश के लिए प्रार्थना की।

गवली पलासिया और आसपास के इलाकों में किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। खेती के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ रही थी। ऐसे में गांव में पुरानी मान्यता के अनुसार यह खास आयोजन किया गया।जिंदा शव यात्रा को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई नई परंपरा नहीं है। गांव में पहले भी बारिश नहीं होने पर इस तरह का टोटका किया जाता रहा है।

अर्थी पर जिंदा शख्स को लिटाया
इस आयोजन में एक जिंदा व्यक्ति को अर्थी पर लिटाया गया। इसके बाद ग्रामीण उसे लेकर गांव की गलियों से निकले। बाहर से देखने पर यह किसी अंतिम यात्रा जैसी लग रही थी, लेकिन इसका मकसद बारिश के लिए प्रार्थना करना था।जिंदा शव यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने ढोल-ढमाके भी बजाए। कई लोग इस पूरी यात्रा में साथ चलते नजर आए। गांव में हुए इस आयोजन ने लोगों का ध्यान खींच लिया।

इंद्रदेव को प्रसन्न करने की मान्यता
ग्रामीणों के बीच मान्यता है कि जब बारिश नहीं होती है तो इस तरह की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालने से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं। इसके बाद गांव में अच्छी बारिश होने की उम्मीद की जाती है।इसी विश्वास के चलते ग्रामीणों ने जिंदा शव यात्रा निकालकर बारिश के लिए प्रार्थना की। लोगों को उम्मीद है कि इस आयोजन के बाद जल्द ही मौसम बदलेगा और खेतों को पर्याप्त पानी मिलेगा।
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सालों पुरानी परंपरा निभाने का दावा
गांव के लोगों के अनुसार यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। जब बारिश में देरी होती है और किसानों की चिंता बढ़ती है, तब ग्रामीण मिलकर इस तरह का आयोजन करते हैं।हालांकि, बारिश और इस तरह के टोटके के बीच वैज्ञानिक संबंध साबित नहीं है। यह पूरी तरह स्थानीय मान्यता और आस्था से जुड़ा मामला है। जिंदा शव यात्रा भी इसी स्थानीय परंपरा का हिस्सा बताई जा रही है।

ढोल की थाप के साथ गांव में घूमी यात्रा
इस अनोखी यात्रा के दौरान ग्रामीण ढोल बजाते हुए आगे बढ़े। अर्थी पर जिंदा व्यक्ति को लिटाकर उसे गांव की अलग-अलग गलियों से ले जाया गया।ग्रामीणों ने इस दौरान अच्छी बारिश की कामना की। जिंदा शव यात्रा का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई है।

किसानों को बारिश का बेसब्री से इंतजार
बारिश किसानों के लिए बेहद जरूरी है। खेतों में फसल को पानी नहीं मिलने पर उत्पादन पर असर पड़ने की चिंता रहती है। यही वजह है कि ग्रामीण बारिश के लिए अपनी पुरानी मान्यताओं का सहारा ले रहे हैं।गवली पलासिया में निकली जिंदा शव यात्रा ने एक बार फिर गांवों में मौजूद ऐसी स्थानीय परंपराओं को चर्चा में ला दिया है। अब ग्रामीणों की नजर आसमान पर है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही अच्छी बारिश होगी।

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