IGKV Paper Leak: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय यानी IGKV में पेपर लीक मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि परीक्षा का सिर्फ एक नहीं, बल्कि दो प्रश्नपत्र लीक हुए थे।मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक अलग-अलग जिलों में टीम भेजकर जांच की गई और करीब 36 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया गया,इस मामले में सबसे बड़ा नाम भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया का सामने आया है। पुलिस ने उसे मामले का मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड बताया है।
पुलिस के अनुसार योगेश सोनकेसरिया वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। पिछले करीब एक साल से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लेने के लिए कृषि महाविद्यालय, रायपुर आता था।17 अगस्त को भी वह उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक वहां से उसने आने वाले दिनों में होने वाली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त किए।इसके बाद वह सभी प्रश्नपत्र अपने कॉलेज लेकर गया। लेकिन IGKV Paper Leak मामले में जांच के दौरान सामने आया कि 20 अगस्त को होने वाली एजीसीएच-221 यानी कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र उसने कथित तौर पर अपने घर पर रख लिया।
लिफाफे में छोटा छेद कर बनाया प्रश्नपत्र का वीडियो
पुलिस के मुताबिक घर पहुंचने के बाद आरोपी ने प्रश्नपत्र वाले लिफाफे के साथ छेड़छाड़ की। आरोप है कि उसने सुई और नुकीले उपकरण की मदद से लिफाफे में एक छोटा छेद किया।इसके बाद उस छेद से मोबाइल कैमरा अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। पुलिस का कहना है कि वीडियो बनाने के बाद प्रश्नपत्र की सामग्री की नकल तैयार की गई।यहीं से IGKV Paper Leak की कहानी ने नया मोड़ लिया। पुलिस के अनुसार तैयार की गई प्रश्नपत्र की सामग्री को आरोपी ने अपने कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों तक पहुंचाया।
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11 हजार रुपये में हुआ पेपर का सौदा
पुलिस की जांच में आरोप है कि योगेश सोनकेसरिया ने प्रश्नपत्र की सामग्री कॉलेज के छात्र अजय नायक और दो अन्य छात्रों को कुल 11 हजार रुपये में बेची।इसके बाद पुलिस के मुताबिक अजय नायक ने प्रश्नपत्र को त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू तक पहुंचाया।इस तरह प्रश्नपत्र एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंचता गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे और लीक हुए दोनों प्रश्नपत्रों को कितने छात्रों तक पहुंचाया गया।
एक नहीं, दो पेपर लीक होने की बात आई सामने
शुरुआती जानकारी में मामला एक प्रश्नपत्र से जुड़ा माना जा रहा था, लेकिन पूछताछ के दौरान पुलिस को दो प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी मिली।जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में टीमें भेजीं। पुलिस का दावा है कि लगातार पूछताछ और जांच के बाद मामले में शामिल आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।अब जांच का अहम हिस्सा यह पता करना है कि दूसरा प्रश्नपत्र कैसे लीक हुआ और उसकी जानकारी किन-किन लोगों तक पहुंची।
6 गिरफ्तार, दो आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर
इस मामले में पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 11 हजार रुपये की नकदी, 6 मोबाइल फोन और वीडियो रिकॉर्डिंग से जुड़ा सामान बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है।इसके अलावा केबल तार, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल सहित अन्य सामान भी जब्त किया गया है।पुलिस के अनुसार मामले में शामिल दो अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार पुलिस टीमों को लगाया गया है।
परीक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
IGKV Paper Leak मामले ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र किन स्तरों से होकर गुजरते हैं और उनकी सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था है।फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है। विश्वविद्यालय स्तर पर भी इस मामले को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।





