रांची [Nishanebaaz News]। झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे राज्यव्यापी विवाद में गुरुवार को एक बड़ा विधिक मोड़ आ गया। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा कई भर्ती परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर अंतरिम रोक (Stay) लगा दी है। अदालत के इस आदेश से उन सैकड़ों-हजारों चयनित अभ्यर्थियों और अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्तियां हो चुकी थीं और सरकारी फैसले से उनकी नौकरी पर संकट गहरा गया था।
क्या था सरकार का फैसला और क्यों पहुंची बात कोर्ट?
राज्य में छात्रों के लंबे आंदोलन, अनशन और भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली व अनियमितताओं के आरोपों के बाद हेमंत सोरेन सरकार ने 22 परीक्षाओं को रद्द करने और कई मामलों की सीआईडी (CID) जांच कराने का निर्णय लिया था। इसमें JSSC-CGL, TDPL तथा जेपीएससी से जुड़ी परीक्षाएं शामिल थीं।
सरकार के इस एकतरफा फैसले के खिलाफ पूर्व में चयनित होकर अपनी सेवाएं दे रहे अधिकारियों और अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि:
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पूरी परीक्षा प्रक्रिया को बिना किसी व्यक्तिगत अभ्यर्थी की भूमिका तय किए एकमुश्त रद्द करना असंवैधानिक और अनुचित है।
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चयन प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से पूरी हुई थी, इसलिए बिना पुख्ता व्यक्तिगत जांच के नौकरी छीनना न्यायसंगत नहीं है।
11वीं और 13वीं JPSC अफसरों को मिली तुरंत ड्यूटी जॉइन करने की राहत
हाईकोर्ट का यह अंतरिम आदेश विशेष रूप से 11वीं और 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षाओं के तहत चयनित अधिकारियों के लिए संजीवनी बनकर आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अदालत ने प्रभावित अधिकारियों को अपनी ड्यूटी पुनः शुरू (Resume Duty) करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं दूसरी ओर, JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले से प्रभावित करीब 2,000 अभ्यर्थियों के भविष्य पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादल भी फिलहाल छंटते दिख रहे हैं।
अब आगे क्या होगी कानूनी प्रक्रिया?
हाईकोर्ट की अंतरिम रोक का मतलब है कि फिलहाल सरकार का परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने वाला आदेश निष्प्रभावी रहेगा। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अंतरिम राहत है और मामले का अंतिम फैसला सरकार के जवाब के आधार पर होगा।
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सरकार को समय: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मामले में अपना विस्तृत हलफनामा (Reply) और जांच से जुड़े तथ्य पेश करने का समय दिया है।
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अगली सुनवाई पर नजर: आगामी सुनवाई में अदालत सरकार द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट, सीआईडी साक्ष्यों और याचिकाकर्ताओं के तर्कों का गहन अध्ययन करने के बाद ही कोई अंतिम फैसला सुनाएगी।





