Dhamtari ED Raid: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ के धमतरी में गुरुवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की कार्रवाई से राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल तेज हो गई। शुरुआत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के धमतरी स्थित घर पर छापे से हुई, लेकिन बाद में कार्रवाई का दायरा उनके करीबियों तक पहुंचने की खबर सामने आई। धमतरी ED रेड अब सिर्फ एक ठिकाने तक सीमित नहीं बताई जा रही है।मिली जानकारी के अनुसार ED की टीम ने रामगोपाल अग्रवाल के अलावा उनके कुछ रिश्तेदारों और करीबियों के ठिकानों पर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की टीम दस्तावेज और दूसरे रिकॉर्ड खंगाल रही है। हालांकि अभी तक ED की ओर से इस पूरी कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जानकारी के मुताबिक जीडी लॉजिस्टिक के संचालक और डॉक्टर कमलेश्वर अग्रवाल के भाई अनूप अग्रवाल के रविनगर स्थित घर और दफ्तर समेत चार जगहों पर ED की कार्रवाई चल रही है। इसके अलावा रामगोपाल अग्रवाल के भतीजे प्रतीक अग्रवाल के धमतरी स्थित आवास पर भी टीम पहुंची है। धमतरी ED रेड में करीब दर्जनभर अधिकारी और पुलिस जवानों के शामिल होने की बात कही जा रही है।टीम की ओर से अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और जरूरी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि जांच के दौरान क्या-क्या मिला है। किसी तरह की बरामदगी की आधिकारिक जानकारी भी सामने नहीं आई है।
ED की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का धरना
ED की कार्रवाई की खबर फैलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए। रामगोपाल अग्रवाल के धमतरी स्थित घर के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। धमतरी विधायक ओंकार साहू समेत कई कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं।कांग्रेस की ओर से कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं ED की जांच अपने स्तर पर जारी है। धमतरी ED रेड को लेकर आने वाले समय में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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11 अगस्त को रामगोपाल अग्रवाल की हुई थी गिरफ्तारी
रामगोपाल अग्रवाल पहले भी ED की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। शराब घोटाला मामले में ED ने उन्हें 11 अगस्त 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी थी।गिरफ्तारी से पहले वह रायपुर केंद्रीय जेल में विचाराधीन बंदी के तौर पर बंद थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने उन्हें ED की रिमांड पर भेजा था। अब उनके और करीबियों से जुड़े ठिकानों पर हुई धमतरी ED रेड ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।
3000 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय का दावा
शराब घोटाले की जांच में ED ने कथित तौर पर करीब 3,000 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय से जुड़े नेटवर्क का दावा किया है। एजेंसी के अनुसार अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी से जुड़े कथित नेटवर्क के जरिए शराब कारोबार में कई तरह की अनियमितताएं की गईं।ED के दावों में शराब बिक्री पर कथित अवैध कमीशन, बिना हिसाब वाली देशी शराब की बिक्री, डिस्टिलरों से कमीशन और FL-10A लाइसेंस से जुड़ी कथित वसूली जैसे आरोप शामिल हैं। धमतरी ED रेड को इसी बड़ी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि आज की कार्रवाई का पूरा दायरा ED ने अभी स्पष्ट नहीं किया है।
रामगोपाल तक नकदी पहुंचाने का भी ED का आरोप
ED ने अपनी जांच में कथित तौर पर यह दावा किया है कि अपराध से अर्जित नकदी का एक हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया। एजेंसी के अनुसार, कथित सिंडिकेट से जुड़े लोगों के जरिए यह रकम पहुंचाई गई थी।जांच एजेंसी ने PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों का भी हवाला दिया है। हालांकि ये सभी एजेंसी के आरोप और जांच में सामने आए दावे हैं। इनका अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना बाकी है।
शराब के साथ कोयला और कस्टम मिलिंग मामलों पर भी नजर
रामगोपाल अग्रवाल के घर पर हुई कार्रवाई को शराब घोटाले के अलावा कोयला घोटाला और कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़े मामलों से भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि ED ने अभी यह आधिकारिक रूप से नहीं बताया है कि आज की छापेमारी में कौन-कौन से मामले जांच के दायरे में हैं।फिलहाल अधिकारियों की जांच जारी है। धमतरी ED रेड के दौरान किन दस्तावेजों की जांच हुई और क्या कोई अहम रिकॉर्ड या अन्य सामग्री मिली, इसकी तस्वीर ED के आधिकारिक बयान के बाद ही साफ होगी।
अब ED के अगले कदम पर नजर
रामगोपाल अग्रवाल और उनके करीबियों से जुड़े कई ठिकानों पर चल रही कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। एक तरफ ED की जांच जारी है, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।फिलहाल किसी तरह की बरामदगी या जांच के अंतिम नतीजे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए सामने आई जानकारी को ED की जांच और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि धमतरी ED रेड के बाद जांच में कौन-से नए तथ्य सामने आते हैं।





