रायसेन [Nishanebaaz News]Raisen Police Misconduct News। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले स्थित सतलापुर (औद्योगिक) थाने से खाकी की गुंडागर्दी और संवेदनहीनता का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। थाने के भीतर पुलिस अधिकारियों द्वारा महिलाओं के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। पूरी घटना थाने में लगे कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के मोबाइल में कैद हो गई है।
चोरी के शक में लाई गई महिलाओं पर बरसाए थप्पड़, छुवाए पैर प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम एक औद्योगिक फैक्ट्री में चोरी होने के शक में कबाड़ बीनने वाली कुछ महिलाओं को पूछताछ के लिए सतलापुर थाने लेकर आई थी। आरोप है कि थाने के भीतर थाना प्रभारी (टीआई) विजय त्रिपाठी की मौजूदगी में एक महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) ने नियम-कायदों को दरकिनार करते हुए महिलाओं के साथ बर्बरता की। वायरल वीडियो में महिला SI पीड़ित महिलाओं पर दनादन थप्पड़ बरसाती और जबरन अपने पैर छुवाती नजर आ रही है।
रायसेन: सतलापुर थाने में महिला SI और TI की गुंडागर्दी कैमरे में कैद, कबाड़ बीनने वाली महिलाओं से की मारपीट।#Raisen #MPNews #MPPolice pic.twitter.com/fXVfl5HCGP
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) August 20, 2026
टीआई की संदिग्ध बातचीत कैमरे में दर्ज, ड्राइवर का भी आपराधिक रिकॉर्ड वीडियो में सतलापुर टीआई विजय त्रिपाठी की गतिविधियां भी कैमरे में कैद हुई हैं। बताया जा रहा है कि टीआई ने अपने ड्राइवर को फोन कर ‘एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज’ के अध्यक्ष के नाम से फैक्ट्री में करंट फैलाने तक की बात कही।
मामले में चौंकाने वाला पहलू यह भी सामने आया है कि टीआई का जो ड्राइवर इस पूरी बातचीत और घटनाक्रम में शामिल था, उस पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को पुलिस वाहन का ड्राइवर बनाए रखने और थाने में असंसदीय व्यवहार को लेकर स्थानीय प्रशासन व पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले की जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग थाने के अंदर महिलाओं के मानवाधिकारों के हनन और बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद आम जनता और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। उच्च पुलिस अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर दोषी टीआई विजय त्रिपाठी, थप्पड़बाज़ महिला SI और संबंधित स्टाफ के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।





