Bhind Food Safety Raid: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- भिंड में खाद्य विभाग की कार्रवाई: रक्षाबंधन के त्योहार से पहले मध्यप्रदेश के भिंड जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट और नियमों की अनदेखी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गोहद क्षेत्र के धमसा गांव में बिना लाइसेंस चल रही सेवईं और नूडल्स बनाने वाली फैक्ट्री पर टीम ने छापा मारा। यहां गंदगी में सेवईं-नूडल्स निर्माण का मामला सामने आया। तैयार खाद्य सामग्री खुले में रखी थी और उसके आसपास मक्खियां मंडरा रही थीं। कार्रवाई के दौरान करीब 4 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया और फैक्ट्री को सील कर दिया गया।
फूड सेफ्टी ऑफिसर रीना बंसल के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम धमसा गांव स्थित यूनिट में पहुंची। निरीक्षण के दौरान फर्श पर खुले में सेवईं और नूडल्स रखे मिले। आसपास गंदगी थी और तैयार सामग्री की स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। गंदगी में सेवईं-नूडल्स निर्माण का यह तरीका खाद्य सुरक्षा के सामान्य मानकों के विपरीत पाया गया।मौके पर तैयार खाद्य सामग्री पर मक्खियां भी भिनभिना रही थीं। त्योहार से पहले बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री तैयार की जा रही थी, लेकिन उत्पादन स्थल पर साफ-सफाई और सुरक्षित खाद्य निर्माण के लिए जरूरी व्यवस्था नजर नहीं आई। शुरुआती जांच में यूनिट के पास वैध खाद्य लाइसेंस नहीं होने की बात भी सामने आई।
दूसरे प्रतिष्ठानों के नाम वाले रैपर भी मिले
जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम को पैकिंग से जुड़ी एक और गंभीर बात सामने आई। तैयार सेवईं को ऐसे रैपर में पैक किया जा रहा था, जिन पर दूसरे प्रतिष्ठानों के नाम और पते दर्ज थे। गंदगी में सेवईं-नूडल्स निर्माण के साथ पैकिंग को लेकर सामने आई यह जानकारी भी जांच का हिस्सा बन गई है।मौके से ‘रियल गोल्ड मोटी सेवईं’ नाम के पैकेट मिले, जिन पर परिवहन नगर, ग्वालियर का पता दर्ज था। वहीं ‘नवजोत मोटी सेवईं’ की पैकिंग पर बिजौली, झांसी का पता अंकित मिला। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इस यूनिट में तैयार होने वाला सामान किन इलाकों में भेजा जाना था।
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10 हजार किलो मैदा समेत 4 लाख का सामान जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में कच्चा और तैयार माल जब्त किया गया। टीम ने करीब 200 कट्टे मैदा बरामद किए, जिनका कुल वजन लगभग 10 हजार किलो बताया गया है। इसके अलावा 50 कार्टन तैयार सेवईं और बड़ी संख्या में रैपर व खाली पैकेट भी मिले। गंदगी में सेवईं-नूडल्स निर्माण से जुड़े इस पूरे स्टॉक की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई जा रही है।त्योहार के समय बाजार में सेवईं और दूसरी खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में तैयार माल और कच्चे माल की मौजूदगी को देखते हुए विभाग ने कार्रवाई को गंभीरता से लिया है।
फैक्ट्री सील, सैंपल लैब में भेजे गए
मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने फैक्ट्री को तत्काल सील कर दिया। मौके से खाद्य सामग्री के सैंपल भी लिए गए हैं। इन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। गंदगी में सेवईं-नूडल्स निर्माण के मामले में अब लैब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।फूड सेफ्टी ऑफिसर रीना बंसल के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि तैयार खाद्य सामग्री में किसी तरह की मिलावट थी या खाद्य सुरक्षा नियमों का कितना उल्लंघन हुआ। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा पर बड़ा सवाल
रक्षाबंधन जैसे त्योहार से पहले खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में बिना लाइसेंस और कथित तौर पर अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य उत्पाद तैयार किए जाने का मामला उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है। गंदगी में सेवईं-नूडल्स निर्माण की जांच अब लैब रिपोर्ट और विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से यह भी साफ है कि त्योहार के दौरान मिलावटी या नियमों के खिलाफ तैयार खाद्य सामग्री पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। अब देखना होगा कि जांच में खाद्य सामग्री के सैंपल की रिपोर्ट क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।





