[Nishaanebaz News] Khandwa News: खंडवा। शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और लगातार सामने आ रहे डॉग बाइट के मामलों को लेकर खंडवा में मंगलवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक मुल्लू राठौर एक व्यक्ति को प्रतीकात्मक रूप से कुत्ते का रूप देकर अपने साथ पहुंचे। इस अनोखे प्रदर्शन के जरिए उन्होंने नगर निगम की नसबंदी और आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि नगर निगम ने पिछले चार वर्षों में आवारा कुत्तों के बधियाकरण के नाम पर करीब 40 लाख रुपए खर्च किए, लेकिन शहर में कुत्तों के काटने की घटनाएं कम होने के बजाय लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। उनके अनुसार, पिछले चार वर्षों में 13,225 लोग डॉग बाइट का शिकार हुए हैं।
नसबंदी के बाद भी बढ़ी समस्या, खर्च पर उठे सवाल
जनसुनवाई में पहुंचे दीपक मुल्लू राठौर ने कहा कि नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान चलाया गया और इस पर लाखों रुपए खर्च किए गए। लेकिन सवाल यह है कि यदि अभियान प्रभावी रहा, तो शहर में डॉग बाइट के इतने मामले क्यों सामने आए।
खंडवा जनसुनवाई में व्यक्ति को ‘कुत्ता’ बनाकर पहुंचा विपक्ष#KhandwaNews #DogBiteCases #StrayDogCrisis #DogSterilization pic.twitter.com/bbNxav5tzP
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) August 19, 2026
उन्होंने आरोप लगाया कि केवल कागजों पर अभियान चलाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। नसबंदी के नाम पर कितने कुत्तों का ऑपरेशन किया गया, किस एजेंसी या संस्था को इसका काम दिया गया और करीब 40 लाख रुपए की राशि कहां और किस कार्य पर खर्च हुई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जनसुनवाई में व्यक्ति को कुत्ता बनाकर पहुंचे
आवारा कुत्तों की समस्या को अलग तरीके से उठाने के लिए नेता प्रतिपक्ष अपने साथ एक व्यक्ति को कुत्ते के प्रतीकात्मक रूप में लेकर जनसुनवाई में पहुंचे। कलेक्टर कार्यालय परिसर में इस अनोखे प्रदर्शन को देखकर लोग हैरान रह गए और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह केवल विरोध का तरीका नहीं, बल्कि नगर निगम की उस व्यवस्था पर सवाल है, जिस पर लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद आम लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
चार साल में 13 हजार से ज्यादा लोग बने शिकार
प्रदर्शन के दौरान रखे गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में 13,225 लोगों को कुत्तों ने काटा। यह संख्या शहर में आवारा कुत्तों की समस्या की गंभीरता को दर्शाती है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि डॉग बाइट की घटनाओं का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सड़क पर आने-जाने वाले आम नागरिकों पर पड़ता है। कई इलाकों में लोगों को सुबह और शाम के समय आवारा कुत्तों के झुंड से डर बना रहता है।उन्होंने मांग की कि नगर निगम डॉग बाइट की घटनाओं को रोकने के लिए केवल नसबंदी तक सीमित न रहे, बल्कि प्रभावी निगरानी और ठोस कार्ययोजना तैयार करे।
कुत्तों की नसबंदी पर 40 लाख खर्च, फिर भी 13,225 लोग बने डॉग बाइट के शिकार #UniqueProtest #MunicipalCorporation #MPNews pic.twitter.com/mLBOHAYCqa
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) August 19, 2026
शहरवासियों ने भी जताई चिंता
अधिवक्ता सुनील चंदेल ने भी शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोगों को आए दिन डॉग बाइट की घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है और इस समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है।उन्होंने जनसुनवाई में किए गए इस अनोखे प्रदर्शन को प्रशासन तक आम लोगों की परेशानी पहुंचाने का प्रयास बताया। प्रदर्शन के बाद इसका वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गईं।
MP News: 10 हजार करोड़ के कथित घोटाले में ED का बड़ा एक्शन! SAGA Group के CMD देश से बाहर
प्रशासन ने आवेदन लिया, जांच की तैयारी
जनसुनवाई में अधिकारियों ने नेता प्रतिपक्ष द्वारा सौंपा गया आवेदन स्वीकार कर लिया है। प्रशासन की ओर से बताया गया कि मामले की जांच के लिए जांच दल गठित कर उचित कार्रवाई की जाएगी।अब जांच में यह देखा जाएगा कि पिछले चार वर्षों में आवारा कुत्तों के बधियाकरण के लिए कितनी राशि खर्च हुई, कितने कुत्तों की नसबंदी की गई और अभियान का वास्तविक परिणाम क्या रहा।खंडवा की जनसुनवाई में हुआ यह अनोखा प्रदर्शन अब चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ नगर निगम के खर्च और नसबंदी अभियान पर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर शहरवासी बढ़ते डॉग बाइट के मामलों से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।




