Nishaanebaz News Desk-Bangladesh Historic Test Win Against Australia: विमल इलायची विज्ञापन विवाद अब बॉलीवुड के तीन बड़े सितारों तक पहुंच गया है। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA ने विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, FDA ने 11 अगस्त को तीनों को नोटिस भेजे हैं। तीनों से 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। नोटिस शाहरुख खान के बांद्रा स्थित घर, अजय देवगन के जुहू स्थित आवास और टाइगर श्रॉफ की प्रोडक्शन कंपनी के पते पर भेजे गए हैं।
FDA को विज्ञापन में क्या दिखा?
विमल इलायची विज्ञापन विवाद की सबसे बड़ी वजह विज्ञापन में इस्तेमाल किया गया ‘विमल’ नाम और उससे जुड़ी ब्रांडिंग बताई जा रही है। FDA का कहना है कि विज्ञापन में प्रोडक्ट, ब्रांड और डायलॉग का इस्तेमाल इस तरह किया गया है कि इससे ‘विमल’ ब्रांड का प्रचार होता दिखाई देता है।FDA के अनुसार, चूंकि इसी ब्रांड का संबंध पान मसाला उत्पाद से भी है, इसलिए विज्ञापन को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। अब तीनों कलाकारों को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।
सरोगेट विज्ञापन को लेकर क्यों उठा सवाल?
विमल इलायची विज्ञापन विवाद को समझने के लिए सरोगेट विज्ञापन को समझना जरूरी है। इसमें किसी विवादित या प्रतिबंधित प्रोडक्ट का सीधे प्रचार करने के बजाय उसी ब्रांड के दूसरे प्रोडक्ट का विज्ञापन किया जाता है।उदाहरण के तौर पर किसी पान मसाला ब्रांड की इलायची या किसी दूसरे उत्पाद का विज्ञापन किया जाना। ऐसा विज्ञापन अपने आप में प्रतिबंधित नहीं हो सकता, लेकिन महाराष्ट्र में पान मसाला पर लागू प्रतिबंध के कारण FDA ने इस विज्ञापन को लेकर सवाल उठाए हैं।
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महाराष्ट्र में पान मसाला पर क्यों है रोक?
विमल इलायची विज्ञापन विवाद के बीच महाराष्ट्र में पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर लागू प्रतिबंध भी चर्चा में है। राज्य में तंबाकू या निकोटिन वाले गुटखा और पान मसाला पर 2012 से रोक लागू है और इसे समय-समय पर आगे बढ़ाया जाता रहा है।उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मौजूदा प्रतिबंध 13 जुलाई 2026 से एक साल के लिए लागू किया गया है। इसके तहत प्रतिबंधित पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक है।
गुटखा नेटवर्क पर भी FDA का सख्त रुख
विमल इलायची विज्ञापन विवाद के साथ महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू के खिलाफ कार्रवाई भी तेज हुई है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने अधिकारियों को संगठित गुटखा और तंबाकू नेटवर्क के खिलाफ पुलिस के साथ मिलकर MCOCA के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।FDA के आंकड़ों के अनुसार 25 मई से 31 जुलाई के बीच राज्य में 658 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में करीब 15.11 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित स्टॉक जब्त किया गया।
701 गिरफ्तार, 519 FIR और 78 वाहन जब्त
विमल इलायची विज्ञापन विवाद के बीच FDA की कार्रवाई के आंकड़े भी सामने आए हैं। विभाग के अनुसार इस अभियान के दौरान 519 FIR दर्ज की गईं और 701 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।इसके अलावा प्रतिबंधित सामान के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 78 वाहन भी जब्त किए गए। इन वाहनों की कुल कीमत करीब 6.6 करोड़ रुपये बताई गई है।
विमल इलायची कैंपेन पहले भी रहा है विवादों में
विमल इलायची विज्ञापन विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी विमल इलायची के प्रचार को लेकर कानूनी और नियामकीय सवाल उठ चुके हैं। 2018 में स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय ने COTPA, 2003 के तहत विमल इलायची का प्रचार करने वाली कंपनी विष्णु पाउच पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस भेजा था।कंपनी ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि वह घरेलू बाजार में ‘विमल’ ब्रांड नाम से तंबाकू उत्पाद नहीं बनाती है।
2024 में दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला भी आया था
विमल इलायची विज्ञापन विवाद के संदर्भ में जनवरी 2024 का दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला भी महत्वपूर्ण है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें कंपनी को बिना तंबाकू वाले उत्पादों के विज्ञापन की अनुमति दी गई थी।अदालत के सामने यह तर्क भी रखा गया था कि जब किसी उत्पाद पर संवैधानिक या कानूनी प्रतिबंध नहीं है, तो तंबाकू रहित उत्पाद का व्यापार करना कंपनी के अधिकारों के दायरे में आता है।
अब शाहरुख, अजय और टाइगर को देना होगा जवाब
विमल इलायची विज्ञापन विवाद में अब अगला कदम तीनों कलाकारों के जवाब पर निर्भर करेगा। FDA ने तीनों को 15 दिन के भीतर नोटिस का जवाब और अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है।इस मामले में यह देखना अहम होगा कि तीनों कलाकार विज्ञापन में अपनी भूमिका और ब्रांड के प्रचार को लेकर क्या जवाब देते हैं। फिलहाल FDA के नोटिस के बाद विमल इलायची का विज्ञापन एक बार फिर कानूनी और नियामकीय चर्चा के केंद्र में आ गया है।





