[Nishaanebaz News] Kondagaon Snake Bite:रोशन सेन\ कोंडागांव। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची कक्षा छठवीं की 12 वर्षीय छात्रा के साथ उस समय अचानक हादसा हो गया, जब स्कूल का दरवाजा खोलते वक्त ऊपर मौजूद करैत सांप छात्रा के ऊपर गिर गया और उसने बच्ची को काट लिया। घटना छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के माकड़ी विकासखंड के बालोंड स्थित मिडिल स्कूल धर्मारपारा की बताई जा रही है।
घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों और स्कूल प्रबंधन ने तत्काल बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए कोंडागांव रेफर किया गया।
दरवाजा खोलते ही ऊपर से गिरा करैत
जानकारी के अनुसार, 12 वर्षीय छात्रा कुमारी हरेश्वरी नेताम, पिता कमलेश नेताम, स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्कूल पहुंची थी। इसी दौरान वह स्कूल का दरवाजा खोल रही थी। दरवाजे के ऊपर छिपा बैठा करैत सांप अचानक उसके ऊपर गिर गया और छात्रा को काट लिया।हादसे के बाद तत्काल बच्ची को अस्पताल ले जाया गया। समय पर उपचार मिलने के कारण फिलहाल उसकी स्थिति ठीक बताई जा रही है।
BEO ने अस्पताल पहुंचकर जाना छात्रा का हाल
Kondagaon Snake Bite: घटना की जानकारी मिलने के बाद माकड़ी विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुखराम देवांगन स्वयं कोंडागांव पहुंचे और अस्पताल में भर्ती छात्रा का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि बच्ची की हालत अभी ठीक है और उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ है।BEO ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और बच्ची के उपचार की जानकारी लेने के लिए अस्पताल पहुंचे।
सांप को नहीं पहुंचाया गया नुकसान
घटना के बाद स्कूल परिसर में मौजूद करैत सांप को पकड़ने के लिए स्नेक कैचर को बुलाया गया। सांप पकड़ने वाले ने उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। इसके बाद सांप को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाए बिना जंगल में छोड़ दिया गया।BEO सुखराम देवांगन ने बताया कि सांप को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ा गया है, ताकि उसे भी नुकसान न पहुंचे।
समय पर उपचार से छात्रा की हालत में सुधार
सांप के काटने के बाद छात्रा को तत्काल उपचार मिलना राहत की बात रही। फिलहाल बच्ची की हालत ठीक बताई जा रही है और चिकित्सकीय निगरानी में उसका उपचार किया गया।घटना के बाद स्कूल परिसर में सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर भी सतर्कता बढ़ाने की जरूरत सामने आई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बच्चों को बचाया जा सके।





