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Indore TI Demoted: एक जैसे गवाहों से सैकड़ों केस! 4 पुलिस अफसरों पर गिरी गाज, 1 को TI से बनाया SI

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Nishaanebaz News Desk-Indore TI Demoted: इंदौर पुलिस विभाग में कथित तौर पर एक जैसे गवाहों के नाम पर बड़ी संख्या में केस दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। इंदौर पुलिस में TI पर कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जुआ, सट्टा और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामलों में एक जैसे गवाहों के नाम सामने आने के बाद चार थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली जांच के घेरे में आई।मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई शुरू की। जांच के बाद खजराना के पूर्व TI दिनेश वर्मा को TI पद से हटाकर SI बना दिया गया है।

खजराना के पूर्व थाना प्रभारी दिनेश वर्मा के कार्यकाल से जुड़े करीब 700 जुआ, सट्टा और आर्म्स एक्ट के मामलों में इरशाद और नवीन नाम के दो गवाहों के नाम सामने आए। इंदौर पुलिस में TI पर कार्रवाई इसी मामले की जांच के बाद हुई।जांच पूरी होने के बाद पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने दिनेश वर्मा को TI से SI पद पर डिमोट कर दिया। बताया गया है कि यह कार्रवाई करीब पांच दिन पहले हुई। अब वर्मा वरिष्ठ अधिकारियों के सामने इस फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी में हैं।

1350 केसों में सामने आए चार एक जैसे गवाह
चंदन नगर के पूर्व TI इंद्रमणि पटेल का मामला भी जांच के घेरे में आया। उनके खिलाफ करीब 1350 मामलों में अमीन रंगरेज, सलमान, अब्दुल और माजिद नाम के चार गवाहों के नाम सामने आने की बात कही गई है।इंदौर पुलिस में TI पर कार्रवाई के इस मामले में शुरुआत में 354 केस कोर्ट के सामने रखे गए थे। बाद में करीब 1000 और मामले इसमें जोड़े गए। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी की।
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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद बढ़ी हलचल
मामले की सुनवाई के दौरान इंदौर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित होना पड़ा। पुलिस की ओर से हलफनामा भी पेश किया गया। इसमें कथित तौर पर यह कहा गया कि कई बार गवाह तैयार करने पड़ते हैं।इसके बाद इंदौर पुलिस में TI पर कार्रवाई का सिलसिला तेज हुआ। चंदन नगर के तत्कालीन TI इंद्रमणि पटेल को थाने से हटा दिया गया। साथ ही उनका DSP पद पर प्रमोशन भी रोक दिया गया। हालांकि, अभी उनके खिलाफ TI से SI करने जैसी डिमोशन कार्रवाई नहीं हुई है।

MIG और विजय नगर के पूर्व TI भी कार्रवाई की जद में
इस पूरे मामले में सिर्फ खजराना और चंदन नगर के अधिकारी ही नहीं, बल्कि MIG और विजय नगर थाने के पूर्व TI भी कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। MIG थाने के पूर्व TI अजय वर्मा और विजय नगर के पूर्व TI रविन्द्र गुर्जर को अलग-अलग मामलों में जांच के बाद TI से SI बनाया गया है।इंदौर पुलिस में TI पर कार्रवाई के तहत अजय वर्मा का मामला साल 2022 में एक युवती की शिकायत पर FIR दर्ज नहीं करने से जुड़ा बताया गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में कार्रवाई हुई थी। मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित है।

नाबालिगों को सट्टा केस में फंसाने का आरोप
विजय नगर के पूर्व TI रविन्द्र गुर्जर पर साल 2024 में नाबालिगों को सट्टा मामले में फंसाने का आरोप लगा था। जांच के बाद उन्हें भी TI से SI बनाया गया।डिमोशन के बाद रविन्द्र गुर्जर ने करीब डेढ़ साल तक ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। अब यह मामला हाईकोर्ट की डबल बेंच में चल रहा है। इंदौर पुलिस में TI पर कार्रवाई से जुड़े इन मामलों में अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित जांच के परिणामों पर निर्भर करेगी।

एक जैसे गवाहों के इस्तेमाल पर उठे सवाल
पुलिस मामलों में गवाहों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में अलग-अलग मामलों में एक जैसे गवाहों के नाम सामने आने से सवाल खड़े हुए हैं। इंदौर पुलिस में TI पर कार्रवाई के बीच अब पुराने मामलों की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में आ सकती है।खजराना और चंदन नगर के मामलों ने खास तौर पर यह सवाल उठाया है कि क्या अलग-अलग मामलों में स्वतंत्र गवाहों की प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं। इसका पूरा जवाब जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

चार TI पर कार्रवाई से विभाग में बढ़ी हलचल
इंदौर पुलिस से जुड़े इन मामलों में अब तक चार थाना प्रभारियों पर अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई सामने आई है। दिनेश वर्मा और रविन्द्र गुर्जर को TI से SI किया गया है, जबकि अजय वर्मा के खिलाफ भी डिमोशन की कार्रवाई हुई है। चंदन नगर के इंद्रमणि पटेल को थाने से हटाने के साथ उनका DSP प्रमोशन रोका गया है।इंदौर पुलिस में TI पर कार्रवाई के इन मामलों ने पुलिस की केस डायरी, गवाहों की प्रक्रिया और जांच के तरीके को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल कुछ मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं, इसलिए इन मामलों की अंतिम तस्वीर न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी।

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