भोपाल की जैन डेयरी में देर रात खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद पनीर की गुणवत्ता और उसके स्वरूप को देखकर टीम को संदेह हुआ। इसके बाद करीब 116 किलो पनीर को जब्त कर लिया गया।मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बीच हुई इस कार्रवाई के बाद जब्त किए गए पनीर के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। विभाग अब रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
सिर्फ शक के आधार पर पनीर को नकली नहीं माना गया
इस मामले में एक अहम बात यह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने फिलहाल जब्त पनीर को नकली या एनालॉग नहीं बताया है। मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लागू होने के बावजूद किसी खाद्य पदार्थ की वास्तविक संरचना और गुणवत्ता की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है।विभाग के अनुसार प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चलेगा कि जब्त पनीर में किन पदार्थों का इस्तेमाल किया गया है और वह निर्धारित खाद्य मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।
Read more: MP Weather Today: मध्यप्रदेश में बारिश का बड़ा अलर्ट! इन जिलों में बिगड़ सकता है मौसम
पनीर के नाम पर दूसरे उत्पाद की बिक्री पर सख्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग ने पनीर के नाम पर दूसरे उत्पादों की बिक्री को लेकर लागू नियमों के तहत कार्रवाई की है। मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही खाद्य उत्पाद की जानकारी उपलब्ध कराना भी है।अगर कोई वैकल्पिक या दूसरे प्रकार का उत्पाद वास्तविक पनीर के नाम से बेचा जाता है, तो इससे ग्राहक भ्रमित हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग से जुड़े नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।
लैब रिपोर्ट तक नहीं होगा कोई अंतिम फैसला
जैन डेयरी से जब्त पनीर के मामले में फिलहाल सबसे ज्यादा नजर प्रयोगशाला रिपोर्ट पर है। मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बीच विभाग ने साफ किया है कि रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।सैंपल की जांच से यह पता चलेगा कि खाद्य पदार्थ की वास्तविक संरचना क्या है और उसमें किन चीजों का इस्तेमाल हुआ है। रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।
मानकों का उल्लंघन मिला तो होगी कार्रवाई
अगर जांच में जब्त पनीर निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के तहत यदि पनीर के स्थान पर किसी अन्य वसा या वनस्पति वसा आधारित उत्पाद के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो मामला गंभीर हो सकता है।ऐसी स्थिति में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उससे जुड़े नियमों एवं विनियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट बताएगी पनीर की असली कहानी
फिलहाल जैन डेयरी से जब्त 116 किलो पनीर की जांच चल रही है। मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बीच इस कार्रवाई ने एक बार फिर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए हैं।हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि जब्त किया गया पनीर नकली या एनालॉग था। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी वास्तविक संरचना और गुणवत्ता की पुष्टि होगी।
भोपाल के बाद और जगहों पर बढ़ सकती है जांच
मध्यप्रदेश में पनीर की गुणवत्ता को लेकर विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है। मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बाद खाद्य सुरक्षा टीमों की निगरानी बढ़ने की संभावना है।फिलहाल जैन डेयरी मामले में रिपोर्ट का इंतजार है। जांच में अगर नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो विभाग संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करेगा। रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।