Nishaanebaz News Desk-MP Weather Today 13 August: मध्यप्रदेश में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट कई जिलों के लिए चिंता बढ़ा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। खास बात यह है कि 13 अगस्त से पूर्वी मध्यप्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट फिलहाल पश्चिमी हिस्से में ज्यादा असर दिखा सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 13 अगस्त तक पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है।श्योपुरकलां में अति भारी बारिश की चेतावनी ने मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट और गंभीर कर दिया है। इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन और इंदौर सहित कई जिलों में बारिश के आसार हैं।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश
मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट के बीच देवास, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना में भी मौसम बिगड़ सकता है। रीवा, सतना, सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और डिंडोरी में भी बारिश की संभावना जताई गई है।जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में भी बादल बरस सकते हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट देखते हुए लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने की जरूरत है।
तेज हवा के साथ बिजली गिरने का खतरा
बारिश के साथ कुछ जिलों में तेज हवा भी परेशानी बढ़ा सकती है। मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट के दौरान बड़वानी, धार, ग्वालियर, राजगढ़, शाजापुर, आगर और मंदसौर में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।गरज-चमक वाले मौसम में बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट को देखते हुए खुले मैदान, खेत या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना बेहतर होगा। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
13 अगस्त से बदल सकता है बारिश का पैटर्न
मौसम विभाग के अनुसार 11 से 13 अगस्त के बीच पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश का ज्यादा असर रह सकता है। इसके बाद मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट पूर्वी हिस्सों के लिए भी महत्वपूर्ण हो जाएगा, क्योंकि 13 से 16 अगस्त के दौरान पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं।इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में मानसून का असर प्रदेश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक फैल सकता है। मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट इसलिए भी अहम है क्योंकि लगातार बारिश से कई जगह जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है।
मौसम बदलने के पीछे कौन-से सिस्टम?
मौसम में बदलाव के पीछे उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अहम माना जा रहा है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट इसी मौसमी सिस्टम की वजह से आने वाले दिनों में कई इलाकों में सक्रिय रह सकता है।इन सिस्टम के असर से नमी बढ़ रही है और बादलों की गतिविधियां भी तेज हो रही हैं। यही वजह है कि मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट पश्चिमी हिस्से के साथ अब धीरे-धीरे पूर्वी जिलों में भी असर दिखा सकता है।
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पिछले 24 घंटे में जमकर बरसे बादल
पिछले 24 घंटे में भी प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। ब्यावरा में 229 मिमी, खिलचीपुर में 205 मिमी और जीरापुर में 191 मिमी बारिश दर्ज हुई। राजगढ़ में 112 मिमी और गुलाना में 102 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।नरसिंहगढ़ में 95 मिमी, पचोर में 93 मिमी, कुंभराज में 91 मिमी और सारंगपुर में 88.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट को देखते हुए इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून कितना सक्रिय है।

अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?
आने वाले तीन दिनों में मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट कई जिलों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। पश्चिमी मध्यप्रदेश में पहले बारिश का जोर देखने को मिल सकता है, जबकि 13 अगस्त के बाद पूर्वी हिस्सों में गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट अभी खत्म होता नहीं दिख रहा है। बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है।

