चेन्नई/नई दिल्ली [Nishanebaaz News]Most Powerful Business Family In South India। दक्षिण भारत में व्यापार और उद्योग जगत के कई बड़े नाम मौजूद हैं, लेकिन लंबे और समृद्ध इतिहास, व्यापक फैलाव और कई प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत पैठ की वजह से मुरुगप्पा ग्रुप (Murugappa Group) को दक्षिण भारत का सबसे प्रमुख और शक्तिशाली बिजनेस घराना माना जाता है। चेन्नई से जुड़े इस प्रतिष्ठित व्यावसायिक समूह की नींव साल 1900 में रखी गई थी, जो आज देश के सबसे मूल्यवान पारिवारिक कारोबारी समूहों में शीर्ष पर शुमार है।
मनी लेंडिंग से हुई थी शुरुआत, आज 29 से अधिक बिजनेस
फोर्ब्स और विभिन्न व्यावसायिक रिपोर्टों के अनुसार, मुरुगप्पा ग्रुप की शुरुआत वर्ष 1900 में एक छोटे से मनी लेंडिंग (ऋण देने वाले) बिजनेस के रूप में हुई थी। 100 साल से भी अधिक समय के दौरान परिवार ने अपने कारोबार का विस्तार करते हुए इसे बहुराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
वर्तमान में इस ग्रुप के अंतर्गत 29 से अधिक व्यवसाय संचालित हो रहे हैं। ग्रुप की मुख्य मौजूदगी इन क्षेत्रों में है:
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कृषि एवं उर्वरक (Agriculture & Fertilizers): कोरोमंडल इंटरनेशनल (Coromandel International)
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इंजीनियरिंग एवं ऑटो कंपोनेंट्स: ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ़ इंडिया (Tube Investments of India)
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वित्तीय सेवाएं (Financial Services): चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस (Cholamandalam Investment & Finance)
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इसके अलावा ग्रुप मर्केंटाइल, एब्रासिव्स, और गैर-जीवन बीमा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सक्रिय है।
हुरुन इंडिया लिस्ट: 2.92 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति
मुरुगप्पा परिवार की संपत्ति और साख का अंदाजा ‘बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स हुरुन इंडिया मोस्ट वैल्यूएबल फैमिली बिजनेस’ की रिपोर्ट से लगाया जा सकता है। हुरुन इंडिया की ताजा सूची के अनुसार, मुरुगप्पा परिवार की कुल वैल्यूएशन लगभग 2.92 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो इसे भारत के सबसे अमीर और मूल्यवान फैमिली बिजनेस की श्रेणी में मजबूती से खड़ा करती है।
गौरतलब है कि वर्ष 2026 की बार्कलेज हुरुन इंडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के शीर्ष 300 पारिवारिक व्यवसायों की कुल संपत्ति लगभग 138 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। इस सूची में देश स्तर पर मुकेश अंबानी का परिवार सबसे शीर्ष पर है, जबकि गौतम अदाणी का परिवार फर्स्ट-जनरेशन (पहली पीढ़ी) के बिजनेस घरानों में नंबर-1 स्थान पर कायम है।
दक्षिण भारत में क्यों है मुरुगप्पा ग्रुप का दबदबा?
दक्षिण भारत के कॉरपोरेट परिदृश्य में मुरुगप्पा ग्रुप की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्थिरता, बहु-क्षेत्रीय विविधता (Diversification) और मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस रही है। एक सदी से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी यह परिवार अपनी पारंपरिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक तकनीक और नए दौर के वित्तीय बाजारों में लगातार अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है।





