रायपुर [Nishanebaaz News]Chhattisgarh Liquor Scam ED Action। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद अब ईडी उन्हें विशेष अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है।
यह मामला वर्ष 2019 से 2022 के बीच का है, जब प्रदेश में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार कार्यरत थी। ईडी के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों और राजनीतिक रसूख वाले लोगों के एक कथित सिंडिकेट ने राज्य के आबकारी विभाग पर अपना नियंत्रण बना लिया था। इस समानांतर व्यवस्था के कारण राज्य सरकार को करीब 2,883 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ा।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका केवल शराब घोटाले तक सीमित नहीं थी। उन पर शराब घोटाले के साथ-साथ कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से अर्जित अवैध रकम को ठिकाने लगाने और प्रबंधित करने में भी मुख्य भूमिका निभाने का संदेह है। इससे पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) भी उनसे पूछताछ कर चुका है। लगभग तीन वर्षों तक जांच से दूर रहने के बाद अग्रवाल ने 8 जुलाई 2026 को ईओडब्ल्यू के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।
ईडी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, शराब घोटाले की चल रही विस्तृत जांच में अब तक कुल छह आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किए जा चुके हैं, जिनमें 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, पूर्व संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया जैसे कई चर्चित नाम शामिल हैं।

